देव पंचांग के बारे में

Mahakal Darshan

देव पंचांग प्रतिदिन का हिंदू पंचांग प्रकाशित करता है, जो किसी छपे पंचांग से नकल नहीं, आपके शहर के लिए गणना किया जाता है। इसे महाकाल दर्शन द्वारा बनाया गया है और यह यहाँ तथा एक निःशुल्क एंड्रॉइड ऐप के रूप में उपलब्ध है।

गणना पद्धति

हम दृक् गणित — प्रत्यक्ष प्रेक्षण पर आधारित पद्धति — का अनुसरण करते हैं, न कि प्राचीन सूर्य सिद्धांत की सन्निकट विधि का, क्योंकि दोनों में इतना अंतर आ सकता है कि तिथि की संधि सूर्योदय के इस पार से उस पार चली जाए और त्योहार एक दिन खिसक जाए। सूर्य और चंद्रमा के भोगांश आधुनिक खगोलीय आँकड़ों से लिए जाते हैं। सूर्योदय-सूर्यास्त में बिंब-केंद्र तथा वायुमंडलीय अपवर्तन की मानक विधि प्रयुक्त होती है। तिथि, नक्षत्र, योग और करण की संधियाँ किसी सारणी से अनुमान लगाकर नहीं, उस सटीक क्षण को हल करके निकाली जाती हैं जब निर्धारक कोणीय स्थिति पूर्ण होती है।

दोनों मास पद्धतियाँ

प्रत्येक दिन के पृष्ठ पर अमांत मास (अमावस्या पर समाप्त, पश्चिम व दक्षिण भारत में प्रचलित) और पूर्णिमांत मास (पूर्णिमा पर समाप्त, उत्तर भारत के अधिकांश भाग में प्रचलित) दोनों दिए जाते हैं, तथा अधिक मास आने पर वह भी। तिथि दोनों में समान रहती है; केवल मास का नाम बदलता है, और एक को दूसरे के बिना दिखाना भ्रम का सामान्य कारण है।

सीमाएँ

यह गणना आधारित पंचांग है, ज्योतिषी नहीं। व्यक्तिगत मुहूर्त — विवाह, नामकरण, गृहप्रवेश — संबंधित जातकों की जन्म कुंडली पर निर्भर हैं और किसी दिन-पृष्ठ से अकेले निश्चित नहीं किए जा सकते। कुछ त्योहारों की तिथि पर क्षेत्रीय परंपराओं में वास्तविक भेद भी है; ऐसे में अपने कुल अथवा स्थानीय मंदिर की परंपरा का पालन करें।

संपर्क

कोई त्रुटि मिली? लिखें — mahakaldarshanofficial@gmail.com। सुधार सादर आमंत्रित हैं और संदर्भ पंचांग से मिलाकर जाँचे जाते हैं।

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