2034

हिंदू त्योहार 2034

156 त्योहार व व्रत, नई दिल्ली के लिए गणना की गई तिथियों सहित

जनवरी 2034

तिथि त्योहार
रविवार 🙏 पुत्रदा एकादशी संतान सुख देती है, वैकुण्ठ एकादशी। तिथि समाप्त - 1 जनवरी 2034 को 10:12 am
बुधवार 🌕 पूर्णिमा पूर्णिमा — पूर्ण चंद्र तिथि, सत्यनारायण पूजा एवं नदी स्नान के लिए शुभ।
रविवार 🐘 संकष्टी चतुर्थी संकष्टी चतुर्थी — कृष्ण पक्ष की चतुर्थी, चंद्रोदय के बाद व्रत पारण। चंद्रोदय - 8 जनवरी 2034 को 9:16 pm
शनिवार ☀️ मकर संक्रांति संक्रांति — सूर्य का राशि परिवर्तन, दान-स्नान के लिए शुभ। संक्रांति क्षण - 14 जनवरी 2034 को 4:25 pm
सोमवार 🙏 षटतिला एकादशी तिल का षट् रूपों में उपयोग, पाप नाशिनी। तिथि समाप्त - 16 जनवरी 2034 को 2:52 pm
बुधवार 🔱 प्रदोष व्रत (कृष्ण) प्रदोष व्रत — त्रयोदशी को सूर्यास्त के बाद प्रदोष काल में शिव पूजन। प्रदोष काल - 5:48 pm से 7:18 pm तक
गुरुवार 🔱 मासिक शिवरात्रि मासिक शिवरात्रि — कृष्ण चतुर्दशी को शिव पूजन एवं रात्रि जागरण।
शुक्रवार 🌑 अमावस्या अमावस्या — अमा तिथि, पितृ तर्पण, श्राद्ध एवं दीप दान के लिए उत्तम।
सोमवार 🐘 विनायक चतुर्थी विनायक चतुर्थी — शुक्ल चतुर्थी को गणेश पूजन, मध्याह्न काल श्रेष्ठ।
सोमवार 🙏 जया एकादशी प्रेत योनि से मुक्ति दिलाती है। तिथि समाप्त - 30 जनवरी 2034 को 7:35 pm

फ़रवरी 2034

तिथि त्योहार
बुधवार 🔱 प्रदोष व्रत (शुक्ल) प्रदोष व्रत — त्रयोदशी को सूर्यास्त के बाद प्रदोष काल में शिव पूजन। प्रदोष काल - 6:00 pm से 7:30 pm तक
शुक्रवार 🌕 पूर्णिमा पूर्णिमा — पूर्ण चंद्र तिथि, सत्यनारायण पूजा एवं नदी स्नान के लिए शुभ।
मंगलवार 🐘 अंगारकी संकष्टी चतुर्थी संकष्टी चतुर्थी — कृष्ण पक्ष की चतुर्थी, चंद्रोदय के बाद व्रत पारण। चंद्रोदय - 7 फ़रवरी 2034 को 9:44 pm
सोमवार ☀️ कुंभ संक्रांति संक्रांति — सूर्य का राशि परिवर्तन, दान-स्नान के लिए शुभ। संक्रांति क्षण - 13 फ़रवरी 2034 को 5:24 am
बुधवार 🙏 विजया एकादशी सभी कार्यों में विजय देती है। तिथि समाप्त - 15 फ़रवरी 2034 को 9:30 am
शुक्रवार 🔱 प्रदोष व्रत (कृष्ण) प्रदोष व्रत — त्रयोदशी को सूर्यास्त के बाद प्रदोष काल में शिव पूजन। प्रदोष काल - 6:12 pm से 7:42 pm तक
शनिवार 🌑 शनि अमावस्या अमावस्या — अमा तिथि, पितृ तर्पण, श्राद्ध एवं दीप दान के लिए उत्तम।
बुधवार 🐘 विनायक चतुर्थी विनायक चतुर्थी — शुक्ल चतुर्थी को गणेश पूजन, मध्याह्न काल श्रेष्ठ।
मंगलवार 🙏 आमलकी एकादशी आंवले के वृक्ष की पूजा, महापुण्यदायिनी। तिथि समाप्त - 1 मार्च 2034 को 5:59 am

मार्च 2034

तिथि त्योहार
गुरुवार 🔱 प्रदोष व्रत (शुक्ल) प्रदोष व्रत — त्रयोदशी को सूर्यास्त के बाद प्रदोष काल में शिव पूजन। प्रदोष काल - 6:21 pm से 7:51 pm तक
शनिवार 🔥 होलिका दहन होलिका दहन — भद्रा के बाद प्रदोष काल में होलिका दहन, बुराई के नाश का प्रतीक।
शनिवार 🌕 पूर्णिमा पूर्णिमा — पूर्ण चंद्र तिथि, सत्यनारायण पूजा एवं नदी स्नान के लिए शुभ।
रविवार 🔥 होलिका दहन होलिका दहन — भद्रा के बाद प्रदोष काल में होलिका दहन, बुराई के नाश का प्रतीक।
रविवार 🌕 पूर्णिमा पूर्णिमा — पूर्ण चंद्र तिथि, सत्यनारायण पूजा एवं नदी स्नान के लिए शुभ।
सोमवार 🌈 होली (धुलेटी) रंगों का त्यौहार — भक्ति की बुराई पर विजय, वसंत ऋतु का स्वागत।
गुरुवार 🐘 संकष्टी चतुर्थी संकष्टी चतुर्थी — कृष्ण पक्ष की चतुर्थी, चंद्रोदय के बाद व्रत पारण। चंद्रोदय - 9 मार्च 2034 को 10:10 pm
बुधवार ☀️ मीन संक्रांति संक्रांति — सूर्य का राशि परिवर्तन, दान-स्नान के लिए शुभ। संक्रांति क्षण - 15 मार्च 2034 को 2:14 am
गुरुवार 🙏 पापमोचनी एकादशी समस्त पापों से मुक्ति, होलाष्टक समाप्त। तिथि समाप्त - 17 मार्च 2034 को 1:07 am
शनिवार 🔱 शनि प्रदोष (कृष्ण — शनिवार) प्रदोष व्रत — त्रयोदशी को सूर्यास्त के बाद प्रदोष काल में शिव पूजन। प्रदोष काल - 6:31 pm से 8:01 pm तक
रविवार 🔱 मासिक शिवरात्रि मासिक शिवरात्रि — कृष्ण चतुर्दशी को शिव पूजन एवं रात्रि जागरण।
सोमवार 🌑 सोमवती अमावस्या अमावस्या — अमा तिथि, पितृ तर्पण, श्राद्ध एवं दीप दान के लिए उत्तम।
मंगलवार 🙏 चैत्र नवरात्रि — दिन 1 · शैलपुत्री चैत्र नवरात्रि — चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से नवमी, नौ दिन नव दुर्गा आराधना।
बुधवार 🙏 चैत्र नवरात्रि — दिन 2 · ब्रह्मचारिणी चैत्र नवरात्रि — चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से नवमी, नौ दिन नव दुर्गा आराधना।
गुरुवार 🙏 चैत्र नवरात्रि — दिन 4 · कूष्मांडा चैत्र नवरात्रि — चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से नवमी, नौ दिन नव दुर्गा आराधना।
गुरुवार 🐘 विनायक चतुर्थी विनायक चतुर्थी — शुक्ल चतुर्थी को गणेश पूजन, मध्याह्न काल श्रेष्ठ।
शुक्रवार 🙏 चैत्र नवरात्रि — दिन 5 · स्कंदमाता चैत्र नवरात्रि — चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से नवमी, नौ दिन नव दुर्गा आराधना।
शनिवार 🙏 चैत्र नवरात्रि — दिन 6 · कात्यायनी चैत्र नवरात्रि — चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से नवमी, नौ दिन नव दुर्गा आराधना।
रविवार 🙏 चैत्र नवरात्रि — दिन 7 · कालरात्रि चैत्र नवरात्रि — चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से नवमी, नौ दिन नव दुर्गा आराधना।
सोमवार 🙏 चैत्र नवरात्रि — महाअष्टमी · महागौरी चैत्र नवरात्रि — चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से नवमी, नौ दिन नव दुर्गा आराधना।
मंगलवार 🙏 चैत्र नवरात्रि — महानवमी · सिद्धिदात्री चैत्र नवरात्रि — चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से नवमी, नौ दिन नव दुर्गा आराधना।
मंगलवार 🏹 राम नवमी राम नवमी — भगवान राम का जन्मोत्सव। मध्याह्न में राम पूजन, रामकथा, उपवास।
गुरुवार 🙏 कामदा एकादशी सभी मनोकामनाएं पूर्ण करती है, पापों से मुक्ति। तिथि समाप्त - 30 मार्च 2034 को 6:07 pm

अप्रैल 2034

तिथि त्योहार
शनिवार 📅 महावीर जयंती
शनिवार 🔱 शनि प्रदोष (शुक्ल — शनिवार) प्रदोष व्रत — त्रयोदशी को सूर्यास्त के बाद प्रदोष काल में शिव पूजन। प्रदोष काल - 6:39 pm से 8:09 pm तक
सोमवार 🌕 हनुमान जयंती पूर्णिमा — पूर्ण चंद्र तिथि, सत्यनारायण पूजा एवं नदी स्नान के लिए शुभ।
शनिवार 🐘 संकष्टी चतुर्थी संकष्टी चतुर्थी — कृष्ण पक्ष की चतुर्थी, चंद्रोदय के बाद व्रत पारण। चंद्रोदय - 8 अप्रैल 2034 को 10:37 pm
शुक्रवार ☀️ मेष संक्रांति संक्रांति — सूर्य का राशि परिवर्तन, दान-स्नान के लिए शुभ। संक्रांति क्षण - 14 अप्रैल 2034 को 10:40 am
शनिवार 🙏 वरूथिनी एकादशी लौकिक सुख और मोक्ष देती है। तिथि समाप्त - 15 अप्रैल 2034 को 1:26 pm
सोमवार 🔱 सोम प्रदोष (कृष्ण — सोमवार) प्रदोष व्रत — त्रयोदशी को सूर्यास्त के बाद प्रदोष काल में शिव पूजन। प्रदोष काल - 6:48 pm से 8:18 pm तक
मंगलवार 🌑 अमावस्या अमावस्या — अमा तिथि, पितृ तर्पण, श्राद्ध एवं दीप दान के लिए उत्तम।
शुक्रवार ✨ अक्षय तृतीया (अखा तीज) अक्षय तृतीया — स्वयंसिद्ध अबूझ मुहूर्त, सोना-चांदी खरीदने एवं नए कार्य आरंभ के लिए श्रेष्ठ।
शनिवार 🐘 विनायक चतुर्थी विनायक चतुर्थी — शुक्ल चतुर्थी को गणेश पूजन, मध्याह्न काल श्रेष्ठ।
शनिवार 🙏 मोहिनी एकादशी समस्त दु:खों का नाश, मोक्षदायिनी। तिथि समाप्त - 29 अप्रैल 2034 को 8:13 am

मई 2034

तिथि त्योहार
सोमवार 🔱 सोम प्रदोष (शुक्ल — सोमवार) प्रदोष व्रत — त्रयोदशी को सूर्यास्त के बाद प्रदोष काल में शिव पूजन। प्रदोष काल - 6:56 pm से 8:26 pm तक
बुधवार 🌕 बुद्ध पूर्णिमा (वेसाक) पूर्णिमा — पूर्ण चंद्र तिथि, सत्यनारायण पूजा एवं नदी स्नान के लिए शुभ।
रविवार 🐘 संकष्टी चतुर्थी संकष्टी चतुर्थी — कृष्ण पक्ष की चतुर्थी, चंद्रोदय के बाद व्रत पारण। चंद्रोदय - 7 मई 2034 को 10:13 pm
रविवार 🙏 अपरा एकादशी एकादशी व्रत — भगवान विष्णु को प्रिय। सूर्योदय से उपवास, अगले दिन पारण। तिथि समाप्त - 14 मई 2034 को 10:41 pm
सोमवार ☀️ वृषभ संक्रांति संक्रांति — सूर्य का राशि परिवर्तन, दान-स्नान के लिए शुभ। संक्रांति क्षण - 15 मई 2034 को 7:27 am
मंगलवार 🔱 प्रदोष व्रत (कृष्ण) प्रदोष व्रत — त्रयोदशी को सूर्यास्त के बाद प्रदोष काल में शिव पूजन। प्रदोष काल - 7:05 pm से 8:35 pm तक
बुधवार 🔱 मासिक शिवरात्रि मासिक शिवरात्रि — कृष्ण चतुर्दशी को शिव पूजन एवं रात्रि जागरण।
गुरुवार 🌑 अमावस्या अमावस्या — अमा तिथि, पितृ तर्पण, श्राद्ध एवं दीप दान के लिए उत्तम।
रविवार 🐘 विनायक चतुर्थी विनायक चतुर्थी — शुक्ल चतुर्थी को गणेश पूजन, मध्याह्न काल श्रेष्ठ।
रविवार 🙏 निर्जला एकादशी (भीमसेनी एकादशी) जल भी वर्जित, 24 एकादशियों के समान फल। तिथि समाप्त - 28 मई 2034 को 11:51 pm
मंगलवार 🔱 प्रदोष व्रत (शुक्ल) प्रदोष व्रत — त्रयोदशी को सूर्यास्त के बाद प्रदोष काल में शिव पूजन। प्रदोष काल - 7:13 pm से 8:43 pm तक

जून 2034

तिथि त्योहार
शुक्रवार 🌕 पूर्णिमा पूर्णिमा — पूर्ण चंद्र तिथि, सत्यनारायण पूजा एवं नदी स्नान के लिए शुभ।
मंगलवार 🐘 अंगारकी संकष्टी चतुर्थी संकष्टी चतुर्थी — कृष्ण पक्ष की चतुर्थी, चंद्रोदय के बाद व्रत पारण। चंद्रोदय - 6 जून 2034 को 10:29 pm
मंगलवार 🙏 योगिनी एकादशी रोगों का नाश, मोक्ष प्रदायिनी। तिथि समाप्त - 13 जून 2034 को 5:29 am
बुधवार 🔱 प्रदोष व्रत (कृष्ण) प्रदोष व्रत — त्रयोदशी को सूर्यास्त के बाद प्रदोष काल में शिव पूजन। प्रदोष काल - 7:20 pm से 8:50 pm तक
गुरुवार 🔱 मासिक शिवरात्रि मासिक शिवरात्रि — कृष्ण चतुर्दशी को शिव पूजन एवं रात्रि जागरण।
गुरुवार ☀️ मिथुन संक्रांति संक्रांति — सूर्य का राशि परिवर्तन, दान-स्नान के लिए शुभ। संक्रांति क्षण - 15 जून 2034 को 1:58 pm
शुक्रवार 🌑 अमावस्या अमावस्या — अमा तिथि, पितृ तर्पण, श्राद्ध एवं दीप दान के लिए उत्तम।
सोमवार 🐘 विनायक चतुर्थी विनायक चतुर्थी — शुक्ल चतुर्थी को गणेश पूजन, मध्याह्न काल श्रेष्ठ।
मंगलवार 🙏 एकादशी (अधिक मास) एकादशी व्रत — भगवान विष्णु को प्रिय। सूर्योदय से उपवास, अगले दिन पारण। तिथि समाप्त - 27 जून 2034 को 4:12 pm
गुरुवार 🔱 प्रदोष व्रत (शुक्ल) प्रदोष व्रत — त्रयोदशी को सूर्यास्त के बाद प्रदोष काल में शिव पूजन। प्रदोष काल - 7:23 pm से 8:53 pm तक

जुलाई 2034

तिथि त्योहार
शनिवार 🌕 पूर्णिमा पूर्णिमा — पूर्ण चंद्र तिथि, सत्यनारायण पूजा एवं नदी स्नान के लिए शुभ।
बुधवार 🐘 संकष्टी चतुर्थी संकष्टी चतुर्थी — कृष्ण पक्ष की चतुर्थी, चंद्रोदय के बाद व्रत पारण। चंद्रोदय - 5 जुलाई 2034 को 9:53 pm
बुधवार 🙏 एकादशी (अधिक मास) एकादशी व्रत — भगवान विष्णु को प्रिय। सूर्योदय से उपवास, अगले दिन पारण। तिथि समाप्त - 12 जुलाई 2034 को 10:54 am
शुक्रवार 🔱 मासिक शिवरात्रि मासिक शिवरात्रि — कृष्ण चतुर्दशी को शिव पूजन एवं रात्रि जागरण।
शनिवार 🌑 शनि अमावस्या अमावस्या — अमा तिथि, पितृ तर्पण, श्राद्ध एवं दीप दान के लिए उत्तम।
सोमवार ☀️ कर्क संक्रांति संक्रांति — सूर्य का राशि परिवर्तन, दान-स्नान के लिए शुभ। संक्रांति क्षण - 17 जुलाई 2034 को 12:47 am
बुधवार 🐘 विनायक चतुर्थी विनायक चतुर्थी — शुक्ल चतुर्थी को गणेश पूजन, मध्याह्न काल श्रेष्ठ।
गुरुवार 🙏 देवशयनी एकादशी (आषाढ़ी एकादशी) भगवान विष्णु शयन करते हैं, चातुर्मास आरम्भ। तिथि समाप्त - 27 जुलाई 2034 को 8:29 am
शनिवार 🔱 शनि प्रदोष (शुक्ल — शनिवार) प्रदोष व्रत — त्रयोदशी को सूर्यास्त के बाद प्रदोष काल में शिव पूजन। प्रदोष काल - 7:14 pm से 8:44 pm तक
सोमवार 🧘 गुरु पूर्णिमा (व्यास पूर्णिमा) गुरु पूर्णिमा — गुरु-वंदना, व्यास पूजन। आषाढ़ की पूर्णिमा।

अगस्त 2034

तिथि त्योहार
शुक्रवार 🐘 संकष्टी चतुर्थी संकष्टी चतुर्थी — कृष्ण पक्ष की चतुर्थी, चंद्रोदय के बाद व्रत पारण। चंद्रोदय - 4 अगस्त 2034 को 9:55 pm
गुरुवार 🙏 कामिका एकादशी जन्म-जन्मान्तर के पापों का नाश। तिथि समाप्त - 10 अगस्त 2034 को 4:16 pm
शनिवार 🔱 शनि प्रदोष (कृष्ण — शनिवार) प्रदोष व्रत — त्रयोदशी को सूर्यास्त के बाद प्रदोष काल में शिव पूजन। प्रदोष काल - 7:03 pm से 8:33 pm तक
रविवार 🔱 मासिक शिवरात्रि मासिक शिवरात्रि — कृष्ण चतुर्दशी को शिव पूजन एवं रात्रि जागरण।
सोमवार 🌑 सोमवती अमावस्या अमावस्या — अमा तिथि, पितृ तर्पण, श्राद्ध एवं दीप दान के लिए उत्तम।
गुरुवार 🐘 विनायक चतुर्थी विनायक चतुर्थी — शुक्ल चतुर्थी को गणेश पूजन, मध्याह्न काल श्रेष्ठ।
गुरुवार ☀️ सिंह संक्रांति संक्रांति — सूर्य का राशि परिवर्तन, दान-स्नान के लिए शुभ। संक्रांति क्षण - 17 अगस्त 2034 को 9:10 am
शुक्रवार 🙏 पुत्रदा एकादशी संतान सुख देती है, वैकुण्ठ एकादशी। तिथि समाप्त - 26 अगस्त 2034 को 12:15 am
रविवार 🔱 प्रदोष व्रत (शुक्ल) प्रदोष व्रत — त्रयोदशी को सूर्यास्त के बाद प्रदोष काल में शिव पूजन। प्रदोष काल - 6:48 pm से 8:18 pm तक
मंगलवार 🪢 रक्षा बंधन रक्षाबंधन — बहन भाई की कलाई पर राखी बांधती हैं। भद्रा काल में राखी न बांधें।

सितंबर 2034

तिथि त्योहार
शनिवार 🐘 संकष्टी चतुर्थी संकष्टी चतुर्थी — कृष्ण पक्ष की चतुर्थी, चंद्रोदय के बाद व्रत पारण। चंद्रोदय - 2 सितंबर 2034 को 9:18 pm
शुक्रवार 🙏 अजा एकादशी सात पिछले और सात आगामी जन्मों के पाप मिटाती है। तिथि समाप्त - 8 सितंबर 2034 को 11:07 pm
रविवार 🔱 प्रदोष व्रत (कृष्ण) प्रदोष व्रत — त्रयोदशी को सूर्यास्त के बाद प्रदोष काल में शिव पूजन। प्रदोष काल - 6:32 pm से 8:02 pm तक
सोमवार 🔱 मासिक शिवरात्रि मासिक शिवरात्रि — कृष्ण चतुर्दशी को शिव पूजन एवं रात्रि जागरण।
मंगलवार 🌑 अमावस्या अमावस्या — अमा तिथि, पितृ तर्पण, श्राद्ध एवं दीप दान के लिए उत्तम।
शनिवार 🐘 गणेश चतुर्थी गणेश चतुर्थी — गणपति स्थापना, 10 दिवसीय उत्सव। मध्याह्न काल सर्वश्रेष्ठ।
रविवार ☀️ कन्या संक्रांति संक्रांति — सूर्य का राशि परिवर्तन, दान-स्नान के लिए शुभ। संक्रांति क्षण - 17 सितंबर 2034 को 9:08 am
रविवार 🙏 पार्श्व एकादशी एकादशी व्रत — भगवान विष्णु को प्रिय। सूर्योदय से उपवास, अगले दिन पारण। तिथि समाप्त - 24 सितंबर 2034 को 3:15 pm
मंगलवार 🔱 प्रदोष व्रत (शुक्ल) प्रदोष व्रत — त्रयोदशी को सूर्यास्त के बाद प्रदोष काल में शिव पूजन। प्रदोष काल - 6:13 pm से 7:43 pm तक
बुधवार 📅 गणेश विसर्जन (अनंत चतुर्दशी)
गुरुवार 🌕 पूर्णिमा पूर्णिमा — पूर्ण चंद्र तिथि, सत्यनारायण पूजा एवं नदी स्नान के लिए शुभ।

अक्टूबर 2034

तिथि त्योहार
रविवार 🐘 संकष्टी चतुर्थी संकष्टी चतुर्थी — कृष्ण पक्ष की चतुर्थी, चंद्रोदय के बाद व्रत पारण। चंद्रोदय - 1 अक्टूबर 2034 को 8:48 pm
रविवार 🙏 इंदिरा एकादशी पित्र पक्ष की एकादशी — पितरों को नरक से मुक्ति। तिथि समाप्त - 8 अक्टूबर 2034 को 8:52 am
मंगलवार 🔱 प्रदोष व्रत (कृष्ण) प्रदोष व्रत — त्रयोदशी को सूर्यास्त के बाद प्रदोष काल में शिव पूजन। प्रदोष काल - 5:57 pm से 7:27 pm तक
बुधवार 🔱 मासिक शिवरात्रि मासिक शिवरात्रि — कृष्ण चतुर्दशी को शिव पूजन एवं रात्रि जागरण।
गुरुवार 🌑 अमावस्या अमावस्या — अमा तिथि, पितृ तर्पण, श्राद्ध एवं दीप दान के लिए उत्तम।
शुक्रवार 🔱 शारद नवरात्रि — दिन 1 · शैलपुत्री शारदीय नवरात्रि — आश्विन शुक्ल प्रतिपदा से नवमी, नव दुर्गा पूजन, विजयादशमी से समापन।
शनिवार 🔱 शारद नवरात्रि — दिन 2 · ब्रह्मचारिणी शारदीय नवरात्रि — आश्विन शुक्ल प्रतिपदा से नवमी, नव दुर्गा पूजन, विजयादशमी से समापन।
रविवार 🔱 शारद नवरात्रि — दिन 3 · चंद्रघंटा शारदीय नवरात्रि — आश्विन शुक्ल प्रतिपदा से नवमी, नव दुर्गा पूजन, विजयादशमी से समापन।
सोमवार 🔱 शारद नवरात्रि — दिन 4 · कूष्मांडा शारदीय नवरात्रि — आश्विन शुक्ल प्रतिपदा से नवमी, नव दुर्गा पूजन, विजयादशमी से समापन।
सोमवार 🐘 विनायक चतुर्थी विनायक चतुर्थी — शुक्ल चतुर्थी को गणेश पूजन, मध्याह्न काल श्रेष्ठ।
मंगलवार 🔱 शारद नवरात्रि — दिन 5 · स्कंदमाता शारदीय नवरात्रि — आश्विन शुक्ल प्रतिपदा से नवमी, नव दुर्गा पूजन, विजयादशमी से समापन।
मंगलवार ☀️ तुला संक्रांति संक्रांति — सूर्य का राशि परिवर्तन, दान-स्नान के लिए शुभ। संक्रांति क्षण - 17 अक्टूबर 2034 को 9:09 pm
बुधवार 🔱 शारद नवरात्रि — दिन 6 · कात्यायनी शारदीय नवरात्रि — आश्विन शुक्ल प्रतिपदा से नवमी, नव दुर्गा पूजन, विजयादशमी से समापन।
गुरुवार 🔱 शारद नवरात्रि — दिन 7 · कालरात्रि शारदीय नवरात्रि — आश्विन शुक्ल प्रतिपदा से नवमी, नव दुर्गा पूजन, विजयादशमी से समापन।
शुक्रवार 🔱 शारद नवरात्रि — महाअष्टमी · महागौरी शारदीय नवरात्रि — आश्विन शुक्ल प्रतिपदा से नवमी, नव दुर्गा पूजन, विजयादशमी से समापन।
शनिवार 🔱 महानवमी (सरस्वती विसर्जन) शारदीय नवरात्रि — आश्विन शुक्ल प्रतिपदा से नवमी, नव दुर्गा पूजन, विजयादशमी से समापन।
शनिवार 🔱 शारद नवरात्रि — महानवमी · सिद्धिदात्री शारदीय नवरात्रि — आश्विन शुक्ल प्रतिपदा से नवमी, नव दुर्गा पूजन, विजयादशमी से समापन।
रविवार 🔱 महानवमी (सरस्वती विसर्जन) शारदीय नवरात्रि — आश्विन शुक्ल प्रतिपदा से नवमी, नव दुर्गा पूजन, विजयादशमी से समापन।
रविवार 🔱 शारद नवरात्रि — महानवमी · सिद्धिदात्री (तिथि वृद्धि) शारदीय नवरात्रि — आश्विन शुक्ल प्रतिपदा से नवमी, नव दुर्गा पूजन, विजयादशमी से समापन।
सोमवार 🙏 पापांकुशा एकादशी पाप-नाशिनी, अंकुश की तरह पापों को दूर करती है। तिथि समाप्त - 24 अक्टूबर 2034 को 5:11 am
बुधवार 🔱 प्रदोष व्रत (शुक्ल) प्रदोष व्रत — त्रयोदशी को सूर्यास्त के बाद प्रदोष काल में शिव पूजन। प्रदोष काल - 5:41 pm से 7:11 pm तक
शुक्रवार 🌕 शरद पूर्णिमा (कोजागरी पूर्णिमा) पूर्णिमा — पूर्ण चंद्र तिथि, सत्यनारायण पूजा एवं नदी स्नान के लिए शुभ।

नवंबर 2034

तिथि त्योहार
सोमवार 🙏 रमा एकादशी अश्वमेध यज्ञ के समान फल, पापनाशिनी। तिथि समाप्त - 6 नवंबर 2034 को 10:24 pm
बुधवार 💰 धनतेरस (धनत्रयोदशी) धनतेरस — धन्वंतरि एवं लक्ष्मी पूजन, सोना-चांदी-बर्तन की खरीदारी शुभ।
बुधवार 🔱 प्रदोष व्रत (कृष्ण) प्रदोष व्रत — त्रयोदशी को सूर्यास्त के बाद प्रदोष काल में शिव पूजन। प्रदोष काल - 5:31 pm से 7:01 pm तक
गुरुवार 🌙 नरक चतुर्दशी (छोटी दीपावली) नरक चतुर्दशी — अरुणोदय काल में तेल मालिश एवं स्नान, नरकासुर वध का उत्सव।
गुरुवार 🔱 मासिक शिवरात्रि मासिक शिवरात्रि — कृष्ण चतुर्दशी को शिव पूजन एवं रात्रि जागरण।
शुक्रवार 🪔 दीपावली — लक्ष्मी पूजा दीपों का उत्सव — प्रदोष काल में महालक्ष्मी पूजन, दीप प्रज्जवलन, अंधेरे पर प्रकाश की जीत।
शुक्रवार 🌑 अमावस्या अमावस्या — अमा तिथि, पितृ तर्पण, श्राद्ध एवं दीप दान के लिए उत्तम।
शनिवार 🌑 शनि अमावस्या अमावस्या — अमा तिथि, पितृ तर्पण, श्राद्ध एवं दीप दान के लिए उत्तम।
रविवार ⛰️ गोवर्धन पूजा (अन्नकूट) गोवर्धन पूजा — भगवान कृष्ण को अन्नकूट भोग, गोवर्धन परिक्रमा।
सोमवार 🤝 भाई दूज भाई दूज — बहन भाई को तिलक लगाती हैं, यम-यमुना से संबंधित।
बुधवार 🌅 छठ पूजा — नहाय-खाय छठ पूजा — सूर्य उपासना का 4 दिवसीय महापर्व: नहाय-खाय, खरना, संध्या व उषा अर्घ्य।
बुधवार 🐘 विनायक चतुर्थी विनायक चतुर्थी — शुक्ल चतुर्थी को गणेश पूजन, मध्याह्न काल श्रेष्ठ।
गुरुवार 🌅 छठ पूजा — खरना छठ पूजा — सूर्य उपासना का 4 दिवसीय महापर्व: नहाय-खाय, खरना, संध्या व उषा अर्घ्य।
गुरुवार ☀️ वृश्चिक संक्रांति संक्रांति — सूर्य का राशि परिवर्तन, दान-स्नान के लिए शुभ। संक्रांति क्षण - 16 नवंबर 2034 को 9:01 pm
शुक्रवार 🌅 छठ पूजा — संध्या अर्घ्य छठ पूजा — सूर्य उपासना का 4 दिवसीय महापर्व: नहाय-खाय, खरना, संध्या व उषा अर्घ्य।
शनिवार 🌅 छठ पूजा — उषा अर्घ्य (पारण) छठ पूजा — सूर्य उपासना का 4 दिवसीय महापर्व: नहाय-खाय, खरना, संध्या व उषा अर्घ्य।
बुधवार 🙏 देवउठनी एकादशी (प्रबोधिनी एकादशी) एकादशी व्रत — भगवान विष्णु को प्रिय। सूर्योदय से उपवास, अगले दिन पारण। तिथि समाप्त - 22 नवंबर 2034 को 5:44 pm
शुक्रवार 🔱 प्रदोष व्रत (शुक्ल) प्रदोष व्रत — त्रयोदशी को सूर्यास्त के बाद प्रदोष काल में शिव पूजन। प्रदोष काल - 5:24 pm से 6:54 pm तक
बुधवार 🐘 संकष्टी चतुर्थी संकष्टी चतुर्थी — कृष्ण पक्ष की चतुर्थी, चंद्रोदय के बाद व्रत पारण। चंद्रोदय - 29 नवंबर 2034 को 9:11 pm

दिसंबर 2034

तिथि त्योहार
बुधवार 🙏 उत्पन्ना एकादशी एकादशी देवी का प्राकट्य दिवस। तिथि समाप्त - 6 दिसंबर 2034 को 3:37 pm
शुक्रवार 🔱 प्रदोष व्रत (कृष्ण) प्रदोष व्रत — त्रयोदशी को सूर्यास्त के बाद प्रदोष काल में शिव पूजन। प्रदोष काल - 5:24 pm से 6:54 pm तक
शनिवार 🔱 मासिक शिवरात्रि मासिक शिवरात्रि — कृष्ण चतुर्दशी को शिव पूजन एवं रात्रि जागरण।
रविवार 🌑 अमावस्या अमावस्या — अमा तिथि, पितृ तर्पण, श्राद्ध एवं दीप दान के लिए उत्तम।
गुरुवार 🐘 विनायक चतुर्थी विनायक चतुर्थी — शुक्ल चतुर्थी को गणेश पूजन, मध्याह्न काल श्रेष्ठ।
शनिवार ☀️ धनु संक्रांति संक्रांति — सूर्य का राशि परिवर्तन, दान-स्नान के लिए शुभ। संक्रांति क्षण - 16 दिसंबर 2034 को 11:43 am
गुरुवार 🙏 मोक्षदा एकादशी (गीता जयंती) मोक्षदायिनी — गीता जयंती इसी तिथि को। तिथि समाप्त - 22 दिसंबर 2034 को 4:38 am
शनिवार 🔱 शनि प्रदोष (शुक्ल — शनिवार) प्रदोष व्रत — त्रयोदशी को सूर्यास्त के बाद प्रदोष काल में शिव पूजन। प्रदोष काल - 5:29 pm से 6:59 pm तक
सोमवार 🌕 पूर्णिमा पूर्णिमा — पूर्ण चंद्र तिथि, सत्यनारायण पूजा एवं नदी स्नान के लिए शुभ।
गुरुवार 🐘 संकष्टी चतुर्थी संकष्टी चतुर्थी — कृष्ण पक्ष की चतुर्थी, चंद्रोदय के बाद व्रत पारण। चंद्रोदय - 28 दिसंबर 2034 को 8:57 pm

2034 की त्योहार तिथियों के बारे में

हिंदू त्योहारों की तिथियाँ ग्रेगोरियन कैलेंडर से बँधी नहीं होतीं — वे तिथि से निर्धारित होती हैं, और तिथि मध्यरात्रि से नहीं, एक निश्चित क्षण से आरंभ और समाप्त होती है। अतः त्योहार उस दिन माना जाता है जिस दिन संबंधित समय पर उसकी शासक तिथि विद्यमान हो — अधिकांश पर्वों के लिए सूर्योदय, किंतु कुछ के लिए चंद्रोदय, सूर्यास्त अथवा अर्धरात्रि। यही कारण है कि एक ही त्योहार भिन्न क्षेत्रों में भिन्न दिन पड़ सकता है, और यही कारण है कि यहाँ की तिथियाँ किसी छपे पंचांग से नकल नहीं, नई दिल्ली के लिए गणना की गई हैं।

किसी भी त्योहार की तिथि खोलकर उस दिन का पूरा पंचांग देखें, जिसमें उस कर्म के लिए अपेक्षित विशिष्ट मुहूर्त भी है — लक्ष्मी पूजन हेतु प्रदोष काल, जन्माष्टमी हेतु निशिता काल, गणेश चतुर्थी हेतु मध्याह्न, तथा रक्षाबंधन व होलिका दहन हेतु भद्रा के पश्चात का काल।