2037

हिंदू त्योहार 2037

157 त्योहार व व्रत, नई दिल्ली के लिए गणना की गई तिथियों सहित

जनवरी 2037

तिथि त्योहार
शुक्रवार 🌕 पूर्णिमा पूर्णिमा — पूर्ण चंद्र तिथि, सत्यनारायण पूजा एवं नदी स्नान के लिए शुभ।
सोमवार 🐘 संकष्टी चतुर्थी संकष्टी चतुर्थी — कृष्ण पक्ष की चतुर्थी, चंद्रोदय के बाद व्रत पारण। चंद्रोदय - 5 जनवरी 2037 को 9:20 pm
सोमवार 🙏 षटतिला एकादशी तिल का षट् रूपों में उपयोग, पाप नाशिनी। तिथि समाप्त - 12 जनवरी 2037 को 10:02 am
बुधवार ☀️ मकर संक्रांति संक्रांति — सूर्य का राशि परिवर्तन, दान-स्नान के लिए शुभ। संक्रांति क्षण - 14 जनवरी 2037 को 10:51 am
बुधवार 🔱 प्रदोष व्रत (कृष्ण) प्रदोष व्रत — त्रयोदशी को सूर्यास्त के बाद प्रदोष काल में शिव पूजन। प्रदोष काल - 5:45 pm से 7:15 pm तक
गुरुवार 🔱 मासिक शिवरात्रि मासिक शिवरात्रि — कृष्ण चतुर्दशी को शिव पूजन एवं रात्रि जागरण।
शुक्रवार 🌑 अमावस्या अमावस्या — अमा तिथि, पितृ तर्पण, श्राद्ध एवं दीप दान के लिए उत्तम।
मंगलवार 🐘 विनायक चतुर्थी विनायक चतुर्थी — शुक्ल चतुर्थी को गणेश पूजन, मध्याह्न काल श्रेष्ठ।
बुधवार 🌸 वसंत पंचमी (सरस्वती पूजा) वसंत पंचमी — सरस्वती पूजन, वसंत ऋतु का आरम्भ, पुस्तकों एवं शस्त्रों की पूजा।
बुधवार 🙏 जया एकादशी प्रेत योनि से मुक्ति दिलाती है।
गुरुवार 🔱 प्रदोष व्रत (शुक्ल) प्रदोष व्रत — त्रयोदशी को सूर्यास्त के बाद प्रदोष काल में शिव पूजन। प्रदोष काल - 5:58 pm से 7:28 pm तक
शनिवार 🌕 पूर्णिमा पूर्णिमा — पूर्ण चंद्र तिथि, सत्यनारायण पूजा एवं नदी स्नान के लिए शुभ।

फ़रवरी 2037

तिथि त्योहार
मंगलवार 🙏 विजया एकादशी सभी कार्यों में विजय देती है। तिथि समाप्त - 11 फ़रवरी 2037 को 1:10 am
गुरुवार 🔱 प्रदोष व्रत (कृष्ण) प्रदोष व्रत — त्रयोदशी को सूर्यास्त के बाद प्रदोष काल में शिव पूजन। प्रदोष काल - 6:09 pm से 7:39 pm तक
गुरुवार ☀️ कुंभ संक्रांति संक्रांति — सूर्य का राशि परिवर्तन, दान-स्नान के लिए शुभ। संक्रांति क्षण - 12 फ़रवरी 2037 को 11:52 pm
शुक्रवार 🔱 महाशिवरात्रि भगवान शिव की महान रात्रि — चार पहर शिव पूजन, रुद्राभिषेक, उपवास व रात्रि जागरण।
शनिवार 🔱 महाशिवरात्रि भगवान शिव की महान रात्रि — चार पहर शिव पूजन, रुद्राभिषेक, उपवास व रात्रि जागरण।
रविवार 🌑 अमावस्या अमावस्या — अमा तिथि, पितृ तर्पण, श्राद्ध एवं दीप दान के लिए उत्तम।
गुरुवार 🐘 विनायक चतुर्थी विनायक चतुर्थी — शुक्ल चतुर्थी को गणेश पूजन, मध्याह्न काल श्रेष्ठ।
गुरुवार 🙏 आमलकी एकादशी आंवले के वृक्ष की पूजा, महापुण्यदायिनी। तिथि समाप्त - 26 फ़रवरी 2037 को 7:32 pm
शनिवार 🔱 शनि प्रदोष (शुक्ल — शनिवार) प्रदोष व्रत — त्रयोदशी को सूर्यास्त के बाद प्रदोष काल में शिव पूजन। प्रदोष काल - 6:20 pm से 7:50 pm तक

मार्च 2037

तिथि त्योहार
सोमवार 🌈 होली (धुलेटी) रंगों का त्यौहार — भक्ति की बुराई पर विजय, वसंत ऋतु का स्वागत।
गुरुवार 🐘 संकष्टी चतुर्थी संकष्टी चतुर्थी — कृष्ण पक्ष की चतुर्थी, चंद्रोदय के बाद व्रत पारण। चंद्रोदय - 5 मार्च 2037 को 10:08 pm
गुरुवार 🙏 पापमोचनी एकादशी समस्त पापों से मुक्ति, होलाष्टक समाप्त। तिथि समाप्त - 12 मार्च 2037 को 6:39 pm
शनिवार 🔱 शनि प्रदोष (कृष्ण — शनिवार) प्रदोष व्रत — त्रयोदशी को सूर्यास्त के बाद प्रदोष काल में शिव पूजन। प्रदोष काल - 6:29 pm से 7:59 pm तक
शनिवार ☀️ मीन संक्रांति संक्रांति — सूर्य का राशि परिवर्तन, दान-स्नान के लिए शुभ। संक्रांति क्षण - 14 मार्च 2037 को 8:47 pm
रविवार 🔱 मासिक शिवरात्रि मासिक शिवरात्रि — कृष्ण चतुर्दशी को शिव पूजन एवं रात्रि जागरण।
सोमवार 🌑 सोमवती अमावस्या अमावस्या — अमा तिथि, पितृ तर्पण, श्राद्ध एवं दीप दान के लिए उत्तम।
मंगलवार 🙏 चैत्र नवरात्रि — दिन 1 · शैलपुत्री चैत्र नवरात्रि — चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से नवमी, नौ दिन नव दुर्गा आराधना।
बुधवार 🙏 चैत्र नवरात्रि — दिन 1 · शैलपुत्री (तिथि वृद्धि) चैत्र नवरात्रि — चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से नवमी, नौ दिन नव दुर्गा आराधना।
गुरुवार 🙏 चैत्र नवरात्रि — दिन 2 · ब्रह्मचारिणी चैत्र नवरात्रि — चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से नवमी, नौ दिन नव दुर्गा आराधना।
शुक्रवार 🙏 चैत्र नवरात्रि — दिन 3 · चंद्रघंटा चैत्र नवरात्रि — चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से नवमी, नौ दिन नव दुर्गा आराधना।
शुक्रवार 🐘 विनायक चतुर्थी विनायक चतुर्थी — शुक्ल चतुर्थी को गणेश पूजन, मध्याह्न काल श्रेष्ठ।
शनिवार 🙏 चैत्र नवरात्रि — दिन 4 · कूष्मांडा चैत्र नवरात्रि — चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से नवमी, नौ दिन नव दुर्गा आराधना।
रविवार 🙏 चैत्र नवरात्रि — दिन 5 · स्कंदमाता चैत्र नवरात्रि — चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से नवमी, नौ दिन नव दुर्गा आराधना।
सोमवार 🙏 चैत्र नवरात्रि — दिन 6 · कात्यायनी चैत्र नवरात्रि — चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से नवमी, नौ दिन नव दुर्गा आराधना।
मंगलवार 🙏 चैत्र नवरात्रि — दिन 7 · कालरात्रि चैत्र नवरात्रि — चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से नवमी, नौ दिन नव दुर्गा आराधना।
बुधवार 🙏 चैत्र नवरात्रि — महाअष्टमी · महागौरी चैत्र नवरात्रि — चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से नवमी, नौ दिन नव दुर्गा आराधना।
गुरुवार 🙏 चैत्र नवरात्रि — महानवमी · सिद्धिदात्री चैत्र नवरात्रि — चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से नवमी, नौ दिन नव दुर्गा आराधना।
गुरुवार 🏹 राम नवमी राम नवमी — भगवान राम का जन्मोत्सव। मध्याह्न में राम पूजन, रामकथा, उपवास।
शनिवार 🙏 कामदा एकादशी सभी मनोकामनाएं पूर्ण करती है, पापों से मुक्ति।
रविवार 📅 महावीर जयंती
रविवार 🔱 प्रदोष व्रत (शुक्ल) प्रदोष व्रत — त्रयोदशी को सूर्यास्त के बाद प्रदोष काल में शिव पूजन। प्रदोष काल - 6:37 pm से 8:07 pm तक
मंगलवार 🌕 हनुमान जयंती पूर्णिमा — पूर्ण चंद्र तिथि, सत्यनारायण पूजा एवं नदी स्नान के लिए शुभ।

अप्रैल 2037

तिथि त्योहार
शनिवार 🙏 वरूथिनी एकादशी लौकिक सुख और मोक्ष देती है। तिथि समाप्त - 11 अप्रैल 2037 को 1:05 pm
सोमवार 🔱 सोम प्रदोष (कृष्ण — सोमवार) प्रदोष व्रत — त्रयोदशी को सूर्यास्त के बाद प्रदोष काल में शिव पूजन। प्रदोष काल - 6:45 pm से 8:15 pm तक
मंगलवार 🔱 मासिक शिवरात्रि मासिक शिवरात्रि — कृष्ण चतुर्दशी को शिव पूजन एवं रात्रि जागरण।
मंगलवार ☀️ मेष संक्रांति संक्रांति — सूर्य का राशि परिवर्तन, दान-स्नान के लिए शुभ। संक्रांति क्षण - 14 अप्रैल 2037 को 5:17 am
बुधवार 🌑 अमावस्या अमावस्या — अमा तिथि, पितृ तर्पण, श्राद्ध एवं दीप दान के लिए उत्तम।
शनिवार ✨ अक्षय तृतीया (अखा तीज) अक्षय तृतीया — स्वयंसिद्ध अबूझ मुहूर्त, सोना-चांदी खरीदने एवं नए कार्य आरंभ के लिए श्रेष्ठ।
रविवार 🐘 विनायक चतुर्थी विनायक चतुर्थी — शुक्ल चतुर्थी को गणेश पूजन, मध्याह्न काल श्रेष्ठ।
रविवार 🙏 मोहिनी एकादशी समस्त दु:खों का नाश, मोक्षदायिनी। तिथि समाप्त - 26 अप्रैल 2037 को 12:27 pm
मंगलवार 🔱 प्रदोष व्रत (शुक्ल) प्रदोष व्रत — त्रयोदशी को सूर्यास्त के बाद प्रदोष काल में शिव पूजन। प्रदोष काल - 6:54 pm से 8:24 pm तक
बुधवार 🌕 बुद्ध पूर्णिमा (वेसाक) पूर्णिमा — पूर्ण चंद्र तिथि, सत्यनारायण पूजा एवं नदी स्नान के लिए शुभ।

मई 2037

तिथि त्योहार
रविवार 🐘 संकष्टी चतुर्थी संकष्टी चतुर्थी — कृष्ण पक्ष की चतुर्थी, चंद्रोदय के बाद व्रत पारण। चंद्रोदय - 3 मई 2037 को 10:37 pm
रविवार 🙏 अपरा एकादशी एकादशी व्रत — भगवान विष्णु को प्रिय। सूर्योदय से उपवास, अगले दिन पारण।
सोमवार 🙏 अपरा एकादशी एकादशी व्रत — भगवान विष्णु को प्रिय। सूर्योदय से उपवास, अगले दिन पारण। तिथि समाप्त - 11 मई 2037 को 6:55 am
बुधवार 🔱 प्रदोष व्रत (कृष्ण) प्रदोष व्रत — त्रयोदशी को सूर्यास्त के बाद प्रदोष काल में शिव पूजन। प्रदोष काल - 7:03 pm से 8:33 pm तक
गुरुवार 🔱 मासिक शिवरात्रि मासिक शिवरात्रि — कृष्ण चतुर्दशी को शिव पूजन एवं रात्रि जागरण।
शुक्रवार 🌑 अमावस्या अमावस्या — अमा तिथि, पितृ तर्पण, श्राद्ध एवं दीप दान के लिए उत्तम।
शुक्रवार ☀️ वृषभ संक्रांति संक्रांति — सूर्य का राशि परिवर्तन, दान-स्नान के लिए शुभ। संक्रांति क्षण - 15 मई 2037 को 2:07 am
सोमवार 🐘 विनायक चतुर्थी विनायक चतुर्थी — शुक्ल चतुर्थी को गणेश पूजन, मध्याह्न काल श्रेष्ठ।
सोमवार 🙏 एकादशी (अधिक मास) एकादशी व्रत — भगवान विष्णु को प्रिय। सूर्योदय से उपवास, अगले दिन पारण। तिथि समाप्त - 25 मई 2037 को 6:22 pm
बुधवार 🔱 प्रदोष व्रत (शुक्ल) प्रदोष व्रत — त्रयोदशी को सूर्यास्त के बाद प्रदोष काल में शिव पूजन। प्रदोष काल - 7:11 pm से 8:41 pm तक
शुक्रवार 🌕 पूर्णिमा पूर्णिमा — पूर्ण चंद्र तिथि, सत्यनारायण पूजा एवं नदी स्नान के लिए शुभ।

जून 2037

तिथि त्योहार
मंगलवार 🐘 अंगारकी संकष्टी चतुर्थी संकष्टी चतुर्थी — कृष्ण पक्ष की चतुर्थी, चंद्रोदय के बाद व्रत पारण। चंद्रोदय - 2 जून 2037 को 10:56 pm
मंगलवार 🙏 एकादशी (अधिक मास) एकादशी व्रत — भगवान विष्णु को प्रिय। सूर्योदय से उपवास, अगले दिन पारण। तिथि समाप्त - 9 जून 2037 को 11:08 pm
गुरुवार 🔱 प्रदोष व्रत (कृष्ण) प्रदोष व्रत — त्रयोदशी को सूर्यास्त के बाद प्रदोष काल में शिव पूजन। प्रदोष काल - 7:19 pm से 8:49 pm तक
शुक्रवार 🔱 मासिक शिवरात्रि मासिक शिवरात्रि — कृष्ण चतुर्दशी को शिव पूजन एवं रात्रि जागरण।
शनिवार 🌑 शनि अमावस्या अमावस्या — अमा तिथि, पितृ तर्पण, श्राद्ध एवं दीप दान के लिए उत्तम।
सोमवार ☀️ मिथुन संक्रांति संक्रांति — सूर्य का राशि परिवर्तन, दान-स्नान के लिए शुभ। संक्रांति क्षण - 15 जून 2037 को 8:38 am
बुधवार 🐘 विनायक चतुर्थी विनायक चतुर्थी — शुक्ल चतुर्थी को गणेश पूजन, मध्याह्न काल श्रेष्ठ।
मंगलवार 🙏 निर्जला एकादशी (भीमसेनी एकादशी) जल भी वर्जित, 24 एकादशियों के समान फल। तिथि समाप्त - 24 जून 2037 को 12:18 am
गुरुवार 🔱 प्रदोष व्रत (शुक्ल) प्रदोष व्रत — त्रयोदशी को सूर्यास्त के बाद प्रदोष काल में शिव पूजन। प्रदोष काल - 7:22 pm से 8:52 pm तक
शनिवार 🌕 पूर्णिमा पूर्णिमा — पूर्ण चंद्र तिथि, सत्यनारायण पूजा एवं नदी स्नान के लिए शुभ।

जुलाई 2037

तिथि त्योहार
बुधवार 🐘 संकष्टी चतुर्थी संकष्टी चतुर्थी — कृष्ण पक्ष की चतुर्थी, चंद्रोदय के बाद व्रत पारण। चंद्रोदय - 1 जुलाई 2037 को 10:12 pm
गुरुवार 🙏 योगिनी एकादशी रोगों का नाश, मोक्ष प्रदायिनी। तिथि समाप्त - 9 जुलाई 2037 को 1:25 pm
शनिवार 🔱 शनि प्रदोष (कृष्ण — शनिवार) प्रदोष व्रत — त्रयोदशी को सूर्यास्त के बाद प्रदोष काल में शिव पूजन। प्रदोष काल - 7:21 pm से 8:51 pm तक
रविवार 🔱 मासिक शिवरात्रि मासिक शिवरात्रि — कृष्ण चतुर्दशी को शिव पूजन एवं रात्रि जागरण।
सोमवार 🌑 सोमवती अमावस्या अमावस्या — अमा तिथि, पितृ तर्पण, श्राद्ध एवं दीप दान के लिए उत्तम।
गुरुवार 🐘 विनायक चतुर्थी विनायक चतुर्थी — शुक्ल चतुर्थी को गणेश पूजन, मध्याह्न काल श्रेष्ठ।
गुरुवार ☀️ कर्क संक्रांति संक्रांति — सूर्य का राशि परिवर्तन, दान-स्नान के लिए शुभ। संक्रांति क्षण - 16 जुलाई 2037 को 7:25 pm
गुरुवार 🙏 देवशयनी एकादशी (आषाढ़ी एकादशी) भगवान विष्णु शयन करते हैं, चातुर्मास आरम्भ। तिथि समाप्त - 23 जुलाई 2037 को 7:44 am
शनिवार 🔱 शनि प्रदोष (शुक्ल — शनिवार) प्रदोष व्रत — त्रयोदशी को सूर्यास्त के बाद प्रदोष काल में शिव पूजन। प्रदोष काल - 7:16 pm से 8:46 pm तक
सोमवार 🧘 गुरु पूर्णिमा (व्यास पूर्णिमा) गुरु पूर्णिमा — गुरु-वंदना, व्यास पूजन। आषाढ़ की पूर्णिमा।
शुक्रवार 🐘 संकष्टी चतुर्थी संकष्टी चतुर्थी — कृष्ण पक्ष की चतुर्थी, चंद्रोदय के बाद व्रत पारण। चंद्रोदय - 31 जुलाई 2037 को 9:54 pm

अगस्त 2037

तिथि त्योहार
शुक्रवार 🙏 कामिका एकादशी जन्म-जन्मान्तर के पापों का नाश। तिथि समाप्त - 8 अगस्त 2037 को 1:51 am
रविवार 🔱 प्रदोष व्रत (कृष्ण) प्रदोष व्रत — त्रयोदशी को सूर्यास्त के बाद प्रदोष काल में शिव पूजन। प्रदोष काल - 7:05 pm से 8:35 pm तक
सोमवार 🔱 मासिक शिवरात्रि मासिक शिवरात्रि — कृष्ण चतुर्दशी को शिव पूजन एवं रात्रि जागरण।
मंगलवार 🌑 अमावस्या अमावस्या — अमा तिथि, पितृ तर्पण, श्राद्ध एवं दीप दान के लिए उत्तम।
शुक्रवार 🐘 विनायक चतुर्थी विनायक चतुर्थी — शुक्ल चतुर्थी को गणेश पूजन, मध्याह्न काल श्रेष्ठ।
सोमवार ☀️ सिंह संक्रांति संक्रांति — सूर्य का राशि परिवर्तन, दान-स्नान के लिए शुभ। संक्रांति क्षण - 17 अगस्त 2037 को 3:46 am
शुक्रवार 🙏 पुत्रदा एकादशी संतान सुख देती है, वैकुण्ठ एकादशी। तिथि समाप्त - 21 अगस्त 2037 को 5:56 pm
रविवार 🔱 प्रदोष व्रत (शुक्ल) प्रदोष व्रत — त्रयोदशी को सूर्यास्त के बाद प्रदोष काल में शिव पूजन। प्रदोष काल - 6:52 pm से 8:22 pm तक
मंगलवार 🪢 रक्षा बंधन रक्षाबंधन — बहन भाई की कलाई पर राखी बांधती हैं। भद्रा काल में राखी न बांधें।
रविवार 🐘 संकष्टी चतुर्थी संकष्टी चतुर्थी — कृष्ण पक्ष की चतुर्थी, चंद्रोदय के बाद व्रत पारण। चंद्रोदय - 30 अगस्त 2037 को 9:30 pm

सितंबर 2037

तिथि त्योहार
गुरुवार 🦚 जन्माष्टमी भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव — निशीथ काल में जन्म, उपवास एवं मध्यरात्रि आराधना।
रविवार 🙏 अजा एकादशी सात पिछले और सात आगामी जन्मों के पाप मिटाती है। तिथि समाप्त - 6 सितंबर 2037 को 12:43 pm
मंगलवार 🔱 प्रदोष व्रत (कृष्ण) प्रदोष व्रत — त्रयोदशी को सूर्यास्त के बाद प्रदोष काल में शिव पूजन। प्रदोष काल - 6:34 pm से 8:04 pm तक
बुधवार 🌑 अमावस्या अमावस्या — अमा तिथि, पितृ तर्पण, श्राद्ध एवं दीप दान के लिए उत्तम।
रविवार 🐘 गणेश चतुर्थी गणेश चतुर्थी — गणपति स्थापना, 10 दिवसीय उत्सव। मध्याह्न काल सर्वश्रेष्ठ।
गुरुवार ☀️ कन्या संक्रांति संक्रांति — सूर्य का राशि परिवर्तन, दान-स्नान के लिए शुभ। संक्रांति क्षण - 17 सितंबर 2037 को 3:42 am
शनिवार 🙏 पार्श्व एकादशी एकादशी व्रत — भगवान विष्णु को प्रिय। सूर्योदय से उपवास, अगले दिन पारण।
रविवार 🙏 पार्श्व एकादशी एकादशी व्रत — भगवान विष्णु को प्रिय। सूर्योदय से उपवास, अगले दिन पारण। तिथि समाप्त - 20 सितंबर 2037 को 7:36 am
मंगलवार 🔱 प्रदोष व्रत (शुक्ल) प्रदोष व्रत — त्रयोदशी को सूर्यास्त के बाद प्रदोष काल में शिव पूजन। प्रदोष काल - 6:17 pm से 7:47 pm तक
बुधवार 📅 गणेश विसर्जन (अनंत चतुर्दशी)
गुरुवार 🌕 पूर्णिमा पूर्णिमा — पूर्ण चंद्र तिथि, सत्यनारायण पूजा एवं नदी स्नान के लिए शुभ।
सोमवार 🐘 संकष्टी चतुर्थी संकष्टी चतुर्थी — कृष्ण पक्ष की चतुर्थी, चंद्रोदय के बाद व्रत पारण। चंद्रोदय - 28 सितंबर 2037 को 8:40 pm

अक्टूबर 2037

तिथि त्योहार
सोमवार 🙏 इंदिरा एकादशी पित्र पक्ष की एकादशी — पितरों को नरक से मुक्ति। तिथि समाप्त - 5 अक्टूबर 2037 को 10:16 pm
बुधवार 🔱 प्रदोष व्रत (कृष्ण) प्रदोष व्रत — त्रयोदशी को सूर्यास्त के बाद प्रदोष काल में शिव पूजन। प्रदोष काल - 6:00 pm से 7:30 pm तक
गुरुवार 🔱 मासिक शिवरात्रि मासिक शिवरात्रि — कृष्ण चतुर्दशी को शिव पूजन एवं रात्रि जागरण।
शुक्रवार 🌑 अमावस्या अमावस्या — अमा तिथि, पितृ तर्पण, श्राद्ध एवं दीप दान के लिए उत्तम।
शनिवार 🔱 शारद नवरात्रि — दिन 2 · ब्रह्मचारिणी शारदीय नवरात्रि — आश्विन शुक्ल प्रतिपदा से नवमी, नव दुर्गा पूजन, विजयादशमी से समापन।
रविवार 🔱 शारद नवरात्रि — दिन 3 · चंद्रघंटा शारदीय नवरात्रि — आश्विन शुक्ल प्रतिपदा से नवमी, नव दुर्गा पूजन, विजयादशमी से समापन।
सोमवार 🔱 शारद नवरात्रि — दिन 4 · कूष्मांडा शारदीय नवरात्रि — आश्विन शुक्ल प्रतिपदा से नवमी, नव दुर्गा पूजन, विजयादशमी से समापन।
सोमवार 🐘 विनायक चतुर्थी विनायक चतुर्थी — शुक्ल चतुर्थी को गणेश पूजन, मध्याह्न काल श्रेष्ठ।
मंगलवार 🔱 शारद नवरात्रि — दिन 5 · स्कंदमाता शारदीय नवरात्रि — आश्विन शुक्ल प्रतिपदा से नवमी, नव दुर्गा पूजन, विजयादशमी से समापन।
बुधवार 🔱 शारद नवरात्रि — दिन 6 · कात्यायनी शारदीय नवरात्रि — आश्विन शुक्ल प्रतिपदा से नवमी, नव दुर्गा पूजन, विजयादशमी से समापन।
गुरुवार 🔱 शारद नवरात्रि — दिन 7 · कालरात्रि शारदीय नवरात्रि — आश्विन शुक्ल प्रतिपदा से नवमी, नव दुर्गा पूजन, विजयादशमी से समापन।
शुक्रवार 🔱 शारद नवरात्रि — महाअष्टमी · महागौरी शारदीय नवरात्रि — आश्विन शुक्ल प्रतिपदा से नवमी, नव दुर्गा पूजन, विजयादशमी से समापन।
शनिवार 🔱 महानवमी (सरस्वती विसर्जन) शारदीय नवरात्रि — आश्विन शुक्ल प्रतिपदा से नवमी, नव दुर्गा पूजन, विजयादशमी से समापन।
शनिवार 🔱 शारद नवरात्रि — महानवमी · सिद्धिदात्री शारदीय नवरात्रि — आश्विन शुक्ल प्रतिपदा से नवमी, नव दुर्गा पूजन, विजयादशमी से समापन।
शनिवार ☀️ तुला संक्रांति संक्रांति — सूर्य का राशि परिवर्तन, दान-स्नान के लिए शुभ। संक्रांति क्षण - 17 अक्टूबर 2037 को 3:41 pm
रविवार 🏹 दशहरा (विजयदशमी) विजयादशमी — भगवान राम की रावण पर विजय, अपराह्न काल में शस्त्र पूजन।
सोमवार 🙏 पापांकुशा एकादशी पाप-नाशिनी, अंकुश की तरह पापों को दूर करती है। तिथि समाप्त - 20 अक्टूबर 2037 को 12:35 am
बुधवार 🔱 प्रदोष व्रत (शुक्ल) प्रदोष व्रत — त्रयोदशी को सूर्यास्त के बाद प्रदोष काल में शिव पूजन। प्रदोष काल - 5:45 pm से 7:15 pm तक
शनिवार 🌕 शरद पूर्णिमा (कोजागरी पूर्णिमा) पूर्णिमा — पूर्ण चंद्र तिथि, सत्यनारायण पूजा एवं नदी स्नान के लिए शुभ।
बुधवार 🌙 करवा चौथ करवा चौथ — विवाहित महिलाएं पति की लंबी आयु के लिए सूर्योदय से चंद्रोदय तक निर्जला व्रत। चंद्रोदय - 28 अक्टूबर 2037 को 8:46 pm
बुधवार 🐘 संकष्टी चतुर्थी संकष्टी चतुर्थी — कृष्ण पक्ष की चतुर्थी, चंद्रोदय के बाद व्रत पारण। चंद्रोदय - 28 अक्टूबर 2037 को 8:46 pm

नवंबर 2037

तिथि त्योहार
बुधवार 🙏 रमा एकादशी अश्वमेध यज्ञ के समान फल, पापनाशिनी। तिथि समाप्त - 4 नवंबर 2037 को 6:55 am
गुरुवार 💰 धनतेरस (धनत्रयोदशी) धनतेरस — धन्वंतरि एवं लक्ष्मी पूजन, सोना-चांदी-बर्तन की खरीदारी शुभ।
गुरुवार 🔱 प्रदोष व्रत (कृष्ण) प्रदोष व्रत — त्रयोदशी को सूर्यास्त के बाद प्रदोष काल में शिव पूजन। प्रदोष काल - 5:33 pm से 7:03 pm तक
शुक्रवार 🌙 नरक चतुर्दशी (छोटी दीपावली) नरक चतुर्दशी — अरुणोदय काल में तेल मालिश एवं स्नान, नरकासुर वध का उत्सव।
शुक्रवार 🔱 मासिक शिवरात्रि मासिक शिवरात्रि — कृष्ण चतुर्दशी को शिव पूजन एवं रात्रि जागरण।
शनिवार 🪔 दीपावली — लक्ष्मी पूजा दीपों का उत्सव — प्रदोष काल में महालक्ष्मी पूजन, दीप प्रज्जवलन, अंधेरे पर प्रकाश की जीत।
शनिवार 🌑 शनि अमावस्या अमावस्या — अमा तिथि, पितृ तर्पण, श्राद्ध एवं दीप दान के लिए उत्तम।
रविवार ⛰️ गोवर्धन पूजा (अन्नकूट) गोवर्धन पूजा — भगवान कृष्ण को अन्नकूट भोग, गोवर्धन परिक्रमा।
सोमवार 🤝 भाई दूज भाई दूज — बहन भाई को तिलक लगाती हैं, यम-यमुना से संबंधित।
मंगलवार 🐘 विनायक चतुर्थी विनायक चतुर्थी — शुक्ल चतुर्थी को गणेश पूजन, मध्याह्न काल श्रेष्ठ।
बुधवार 🌅 छठ पूजा — नहाय-खाय छठ पूजा — सूर्य उपासना का 4 दिवसीय महापर्व: नहाय-खाय, खरना, संध्या व उषा अर्घ्य।
गुरुवार 🌅 छठ पूजा — खरना छठ पूजा — सूर्य उपासना का 4 दिवसीय महापर्व: नहाय-खाय, खरना, संध्या व उषा अर्घ्य।
शुक्रवार 🌅 छठ पूजा — संध्या अर्घ्य छठ पूजा — सूर्य उपासना का 4 दिवसीय महापर्व: नहाय-खाय, खरना, संध्या व उषा अर्घ्य।
शनिवार 🌅 छठ पूजा — उषा अर्घ्य (पारण) छठ पूजा — सूर्य उपासना का 4 दिवसीय महापर्व: नहाय-खाय, खरना, संध्या व उषा अर्घ्य।
सोमवार ☀️ वृश्चिक संक्रांति संक्रांति — सूर्य का राशि परिवर्तन, दान-स्नान के लिए शुभ। संक्रांति क्षण - 16 नवंबर 2037 को 3:33 pm
बुधवार 🙏 देवउठनी एकादशी (प्रबोधिनी एकादशी) एकादशी व्रत — भगवान विष्णु को प्रिय। सूर्योदय से उपवास, अगले दिन पारण। तिथि समाप्त - 18 नवंबर 2037 को 7:59 pm
शुक्रवार 🔱 प्रदोष व्रत (शुक्ल) प्रदोष व्रत — त्रयोदशी को सूर्यास्त के बाद प्रदोष काल में शिव पूजन। प्रदोष काल - 5:25 pm से 6:55 pm तक
रविवार 🌕 कार्तिक पूर्णिमा (देव दीपावली) पूर्णिमा — पूर्ण चंद्र तिथि, सत्यनारायण पूजा एवं नदी स्नान के लिए शुभ।
गुरुवार 🐘 संकष्टी चतुर्थी संकष्टी चतुर्थी — कृष्ण पक्ष की चतुर्थी, चंद्रोदय के बाद व्रत पारण। चंद्रोदय - 26 नवंबर 2037 को 8:28 pm

दिसंबर 2037

तिथि त्योहार
गुरुवार 🙏 उत्पन्ना एकादशी एकादशी देवी का प्राकट्य दिवस। तिथि समाप्त - 3 दिसंबर 2037 को 3:19 pm
शनिवार 🔱 शनि प्रदोष (कृष्ण — शनिवार) प्रदोष व्रत — त्रयोदशी को सूर्यास्त के बाद प्रदोष काल में शिव पूजन। प्रदोष काल - 5:23 pm से 6:53 pm तक
रविवार 🔱 मासिक शिवरात्रि मासिक शिवरात्रि — कृष्ण चतुर्दशी को शिव पूजन एवं रात्रि जागरण।
गुरुवार 🐘 विनायक चतुर्थी विनायक चतुर्थी — शुक्ल चतुर्थी को गणेश पूजन, मध्याह्न काल श्रेष्ठ।
बुधवार ☀️ धनु संक्रांति संक्रांति — सूर्य का राशि परिवर्तन, दान-स्नान के लिए शुभ। संक्रांति क्षण - 16 दिसंबर 2037 को 6:15 am
शुक्रवार 🙏 मोक्षदा एकादशी (गीता जयंती) मोक्षदायिनी — गीता जयंती इसी तिथि को। तिथि समाप्त - 18 दिसंबर 2037 को 4:23 pm
रविवार 🔱 प्रदोष व्रत (शुक्ल) प्रदोष व्रत — त्रयोदशी को सूर्यास्त के बाद प्रदोष काल में शिव पूजन। प्रदोष काल - 5:28 pm से 6:58 pm तक
मंगलवार 🌕 पूर्णिमा पूर्णिमा — पूर्ण चंद्र तिथि, सत्यनारायण पूजा एवं नदी स्नान के लिए शुभ।
शनिवार 🐘 संकष्टी चतुर्थी संकष्टी चतुर्थी — कृष्ण पक्ष की चतुर्थी, चंद्रोदय के बाद व्रत पारण। चंद्रोदय - 26 दिसंबर 2037 को 9:24 pm

2037 की त्योहार तिथियों के बारे में

हिंदू त्योहारों की तिथियाँ ग्रेगोरियन कैलेंडर से बँधी नहीं होतीं — वे तिथि से निर्धारित होती हैं, और तिथि मध्यरात्रि से नहीं, एक निश्चित क्षण से आरंभ और समाप्त होती है। अतः त्योहार उस दिन माना जाता है जिस दिन संबंधित समय पर उसकी शासक तिथि विद्यमान हो — अधिकांश पर्वों के लिए सूर्योदय, किंतु कुछ के लिए चंद्रोदय, सूर्यास्त अथवा अर्धरात्रि। यही कारण है कि एक ही त्योहार भिन्न क्षेत्रों में भिन्न दिन पड़ सकता है, और यही कारण है कि यहाँ की तिथियाँ किसी छपे पंचांग से नकल नहीं, नई दिल्ली के लिए गणना की गई हैं।

किसी भी त्योहार की तिथि खोलकर उस दिन का पूरा पंचांग देखें, जिसमें उस कर्म के लिए अपेक्षित विशिष्ट मुहूर्त भी है — लक्ष्मी पूजन हेतु प्रदोष काल, जन्माष्टमी हेतु निशिता काल, गणेश चतुर्थी हेतु मध्याह्न, तथा रक्षाबंधन व होलिका दहन हेतु भद्रा के पश्चात का काल।