आज
कृष्ण पक्ष एकादशी का चंद्रमा

पंचांग अमृतसर

बुधवार, 12 जुलाई 2034 · अमृतसर, पंजाब

एकादशी
10:54 am तक
कृष्ण पक्ष · आषाढ़
नक्षत्र कृत्तिका 2:47 pm तक
योग शूल 5:51 am तक
करण बालव 10:54 am तक
वार बुधवार
सूर्योदय 5:34 am
सूर्यास्त 7:37 pm
चंद्रोदय 2:14 am
चंद्रास्त 4:08 pm

बुधवार, 12 जुलाई 2034 का पूरा पंचांग — अमृतसर, पंजाब के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय (5:34 am), सूर्यास्त (7:37 pm), राहु काल, चौघड़िया तथा दिन के शुभ मुहूर्त। ये सभी समय अमृतसर के अपने अक्षांश-देशांतर से गणना किए गए हैं, किसी दिल्ली-आधारित पंचांग से नकल नहीं — क्योंकि इनमें से हर समय स्थान के साथ बदलता है।

आज के त्योहार

एकादशी (अधिक मास)
एकादशी व्रत — भगवान विष्णु को प्रिय। सूर्योदय से उपवास, अगले दिन पारण।
तिथि समाप्त - 12 जुलाई 2034 को 10:54 am

पंचांग विवरण

तिथि एकादशी 5:34 am – 10:54 am
द्वादशी 10:54 am से · पूर्ण रात्रि
वार बुधवार बुध
पक्ष कृष्ण पक्ष
मास (अमांत) आषाढ़
मास (पूर्णिमांत) आषाढ़ (अधिक)
चंद्र राशि वृषभ
सूर्य राशि मिथुन

शुभ मुहूर्त

मुहूर्तसमय
ब्रह्म मुहूर्त 4:15 am – 4:54 am
अभिजित मुहूर्त 12:07 pm – 1:04 pm
विजय मुहूर्त 12:07 pm – 1:04 pm
गोधूलि मुहूर्त 7:13 pm – 8:01 pm
प्रदोष काल 7:37 pm – 9:07 pm
निशिथ काल 12:16 am – 12:56 am

अशुभ काल

मुहूर्तसमय
राहु काल 12:36 pm – 2:21 pm
गुलिक काल 10:50 am – 12:36 pm
यमगण्ड 7:19 am – 9:05 am

शुभता अंक

58/100 सामान्य + एकादशी+ बुध वार ! शूल योग

आगामी त्योहार

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

चौघड़िया समय गुण
लाभ 5:34 am – 7:19 am शुभ
अमृत 7:19 am – 9:05 am शुभ
काल 9:05 am – 10:50 am अशुभ
शुभ 10:50 am – 12:36 pm शुभ
रोग 12:36 pm – 2:21 pm अशुभ
उद्वेग 2:21 pm – 4:06 pm अशुभ
चर 4:06 pm – 5:52 pm शुभ
लाभ 5:52 pm – 7:37 pm शुभ

रात का चौघड़िया

चौघड़िया समय गुण
उद्वेग 7:37 pm – 8:52 pm अशुभ
शुभ 8:52 pm – 10:07 pm शुभ
अमृत 10:07 pm – 11:21 pm शुभ
चर 11:21 pm – 12:36 am शुभ
रोग 12:36 am – 1:50 am अशुभ
काल 1:50 am – 3:05 am अशुभ
लाभ 3:05 am – 4:20 am शुभ
उद्वेग 4:20 am – 5:34 am अशुभ

होरा

दिन की होरा

होरा समय
बुध 5:34 am – 6:44 am
चंद्र 6:44 am – 7:54 am
शनि 7:54 am – 9:05 am
गुरु 9:05 am – 10:15 am
मंगल 10:15 am – 11:25 am
सूर्य 11:25 am – 12:36 pm
शुक्र 12:36 pm – 1:46 pm
बुध 1:46 pm – 2:56 pm
चंद्र 2:56 pm – 4:06 pm
शनि 4:06 pm – 5:17 pm
गुरु 5:17 pm – 6:27 pm
मंगल 6:27 pm – 7:37 pm

रात की होरा

होरा समय
सूर्य 7:37 pm – 8:27 pm
शुक्र 8:27 pm – 9:17 pm
बुध 9:17 pm – 10:07 pm
चंद्र 10:07 pm – 10:56 pm
शनि 10:56 pm – 11:46 pm
गुरु 11:46 pm – 12:36 am
मंगल 12:36 am – 1:26 am
सूर्य 1:26 am – 2:15 am
शुक्र 2:15 am – 3:05 am
बुध 3:05 am – 3:55 am
चंद्र 3:55 am – 4:45 am
शनि 4:45 am – 5:34 am
विस्तार से देखें — अमृतसर का पूरा चौघड़िया, शुभ मुहूर्त और राहु काल, अथवा मासिक हिंदू कैलेंडर देखें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अमृतसर में आज की तिथि क्या है?

12 जुलाई 2034 को अमृतसर में तिथि एकादशी है, जो 10:54 am तक रहेगी। अधिकांश परंपराओं में सूर्योदय के समय चल रही तिथि ही उस दिन की तिथि मानी जाती है।

आज का नक्षत्र कौन-सा है?

12 जुलाई 2034 को अमृतसर में चंद्रमा कृत्तिका नक्षत्र में है, जो 2:47 pm तक रहेगा।

अमृतसर में आज राहु काल कितने बजे है?

12 जुलाई 2034 को अमृतसर में राहु काल 12:36 pm – 2:21 pm है। यह सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय का आठवाँ भाग होता है, और यह कौन-सा आठवाँ भाग होगा यह वार पर निर्भर करता है — इसीलिए सप्ताह भर इसका समय बदलता रहता है।

आज अभिजित मुहूर्त कब है?

12 जुलाई 2034 को अमृतसर में अभिजित मुहूर्त 12:07 pm – 1:04 pm है। यह स्थानीय मध्याह्न के आसपास लगभग 48 मिनट की अवधि है और लगभग प्रत्येक दिन कार्यारंभ के लिए शुभ मानी जाती है, कुछ परंपराओं में बुधवार को छोड़कर।

ब्रह्म मुहूर्त का समय क्या है?

ब्रह्म मुहूर्त 4:15 am – 4:54 am है, जो सूर्योदय 5:34 am से कुछ पहले समाप्त होता है। यह रात्रि के अंतिम प्रहर की चौथी और तीसरी मुहूर्त-अवधि है और अध्ययन, ध्यान तथा पूजा के लिए पारंपरिक रूप से सर्वश्रेष्ठ समय माना जाता है।

क्या आज का दिन शुभ है?

अमृतसर में 12 जुलाई 2034 को एकादशी (अधिक मास) है, अतः यह पर्व दिवस है। त्योहार के अतिरिक्त, विशिष्ट घड़ी चुनने के लिए इस पृष्ठ की चौघड़िया और शुभ मुहूर्त सारणी देखें — बहुत कम दिन पूर्णतः शुभ या पूर्णतः अशुभ होते हैं।

यहाँ का सूर्योदय अन्य पंचांग वेबसाइटों से अलग क्यों है?

इस पृष्ठ पर सूर्योदय 5:34 am और सूर्यास्त 7:37 pm है, जो अमृतसर के सटीक निर्देशांकों के लिए मानक अपवर्तन विधि से गणना किया गया है। जो साइटें पूरे देश के लिए एक ही सूर्योदय छापती हैं या पाँच मिनट में पूर्णांकित करती हैं, उनमें कई मिनट का अंतर आएगा — और सूर्योदय से निकलने वाला हर मुहूर्त वही अंतर अपने साथ ले जाता है।

यह पंचांग किस मास पद्धति का अनुसरण करता है?

दोनों पद्धतियाँ दिखाई जाती हैं। अमांत मास (अमावस्या पर समाप्त) महाराष्ट्र, गुजरात, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में प्रचलित है; पूर्णिमांत मास (पूर्णिमा पर समाप्त) उत्तर भारत के अधिकांश भाग में। तिथि और त्योहार की तारीखें दोनों में समान रहती हैं — केवल मास का नाम बदलता है।

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