आज
कृष्ण पक्ष द्वादशी का चंद्रमा

पंचांग भुवनेश्वर

सोमवार, 5 फ़रवरी 2035 · भुवनेश्वर, ओडिशा

द्वादशी
10:16 am तक
कृष्ण पक्ष · पौष
नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा पूर्ण रात्रि
योग हर्षण 8:23 am तक
करण तैतिल 10:16 am तक
वार सोमवार
सूर्योदय 6:21 am
सूर्यास्त 5:40 pm
चंद्रोदय 3:43 am
चंद्रास्त 3:11 pm

सोमवार, 5 फ़रवरी 2035 का पूरा पंचांग — भुवनेश्वर, ओडिशा के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय (6:21 am), सूर्यास्त (5:40 pm), राहु काल, चौघड़िया तथा दिन के शुभ मुहूर्त। ये सभी समय भुवनेश्वर के अपने अक्षांश-देशांतर से गणना किए गए हैं, किसी दिल्ली-आधारित पंचांग से नकल नहीं — क्योंकि इनमें से हर समय स्थान के साथ बदलता है।

पंचांग विवरण

तिथि द्वादशी 6:21 am – 10:16 am
त्रयोदशी 10:16 am से · पूर्ण रात्रि
वार सोमवार चंद्र
पक्ष कृष्ण पक्ष
मास (अमांत) पौष
मास (पूर्णिमांत) माघ
चंद्र राशि धनु 2:01 pm तक
सूर्य राशि मकर

शुभ मुहूर्त

मुहूर्तसमय
ब्रह्म मुहूर्त 4:39 am – 5:30 am
अभिजित मुहूर्त 11:38 am – 12:23 pm
विजय मुहूर्त 11:38 am – 12:23 pm
गोधूलि मुहूर्त 5:16 pm – 6:04 pm
प्रदोष काल 5:40 pm – 7:10 pm
निशिथ काल 11:35 pm – 12:25 am

अशुभ काल

मुहूर्तसमय
राहु काल 7:46 am – 9:10 am
गुलिक काल 1:25 pm – 2:50 pm
यमगण्ड 10:35 am – 12:00 pm

शुभता अंक

65/100 शुभ + द्वादशी

आगामी त्योहार

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

चौघड़िया समय गुण
अमृत 6:21 am – 7:46 am शुभ
काल 7:46 am – 9:10 am अशुभ
शुभ 9:10 am – 10:35 am शुभ
रोग 10:35 am – 12:00 pm अशुभ
उद्वेग 12:00 pm – 1:25 pm अशुभ
चर 1:25 pm – 2:50 pm शुभ
लाभ 2:50 pm – 4:15 pm शुभ
अमृत 4:15 pm – 5:40 pm शुभ

रात का चौघड़िया

चौघड़िया समय गुण
चर 5:40 pm – 7:15 pm शुभ
रोग 7:15 pm – 8:50 pm अशुभ
काल 8:50 pm – 10:25 pm अशुभ
लाभ 10:25 pm – 12:00 am शुभ
उद्वेग 12:00 am – 1:35 am अशुभ
शुभ 1:35 am – 3:10 am शुभ
अमृत 3:10 am – 4:45 am शुभ
चर 4:45 am – 6:20 am शुभ

होरा

दिन की होरा

होरा समय
चंद्र 6:21 am – 7:17 am
शनि 7:17 am – 8:14 am
गुरु 8:14 am – 9:10 am
मंगल 9:10 am – 10:07 am
सूर्य 10:07 am – 11:04 am
शुक्र 11:04 am – 12:00 pm
बुध 12:00 pm – 12:57 pm
चंद्र 12:57 pm – 1:53 pm
शनि 1:53 pm – 2:50 pm
गुरु 2:50 pm – 3:47 pm
मंगल 3:47 pm – 4:43 pm
सूर्य 4:43 pm – 5:40 pm

रात की होरा

होरा समय
शुक्र 5:40 pm – 6:43 pm
बुध 6:43 pm – 7:46 pm
चंद्र 7:46 pm – 8:50 pm
शनि 8:50 pm – 9:53 pm
गुरु 9:53 pm – 10:57 pm
मंगल 10:57 pm – 12:00 am
सूर्य 12:00 am – 1:03 am
शुक्र 1:03 am – 2:07 am
बुध 2:07 am – 3:10 am
चंद्र 3:10 am – 4:14 am
शनि 4:14 am – 5:17 am
गुरु 5:17 am – 6:20 am
विस्तार से देखें — भुवनेश्वर का पूरा चौघड़िया, शुभ मुहूर्त और राहु काल, अथवा मासिक हिंदू कैलेंडर देखें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भुवनेश्वर में आज की तिथि क्या है?

5 फ़रवरी 2035 को भुवनेश्वर में तिथि द्वादशी है, जो 10:16 am तक रहेगी। अधिकांश परंपराओं में सूर्योदय के समय चल रही तिथि ही उस दिन की तिथि मानी जाती है।

आज का नक्षत्र कौन-सा है?

5 फ़रवरी 2035 को भुवनेश्वर में चंद्रमा पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र में है।

भुवनेश्वर में आज राहु काल कितने बजे है?

5 फ़रवरी 2035 को भुवनेश्वर में राहु काल 7:46 am – 9:10 am है। यह सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय का आठवाँ भाग होता है, और यह कौन-सा आठवाँ भाग होगा यह वार पर निर्भर करता है — इसीलिए सप्ताह भर इसका समय बदलता रहता है।

आज अभिजित मुहूर्त कब है?

5 फ़रवरी 2035 को भुवनेश्वर में अभिजित मुहूर्त 11:38 am – 12:23 pm है। यह स्थानीय मध्याह्न के आसपास लगभग 48 मिनट की अवधि है और लगभग प्रत्येक दिन कार्यारंभ के लिए शुभ मानी जाती है, कुछ परंपराओं में बुधवार को छोड़कर।

ब्रह्म मुहूर्त का समय क्या है?

ब्रह्म मुहूर्त 4:39 am – 5:30 am है, जो सूर्योदय 6:21 am से कुछ पहले समाप्त होता है। यह रात्रि के अंतिम प्रहर की चौथी और तीसरी मुहूर्त-अवधि है और अध्ययन, ध्यान तथा पूजा के लिए पारंपरिक रूप से सर्वश्रेष्ठ समय माना जाता है।

क्या आज का दिन शुभ है?

भुवनेश्वर में 5 फ़रवरी 2035 को कोई प्रमुख त्योहार नहीं है। व्यवहार में शुभता दिन के आधार पर नहीं, घंटे के आधार पर देखी जाती है — चौघड़िया सारणी देखें और 7:46 am – 9:10 am के राहु काल से बचें।

यहाँ का सूर्योदय अन्य पंचांग वेबसाइटों से अलग क्यों है?

इस पृष्ठ पर सूर्योदय 6:21 am और सूर्यास्त 5:40 pm है, जो भुवनेश्वर के सटीक निर्देशांकों के लिए मानक अपवर्तन विधि से गणना किया गया है। जो साइटें पूरे देश के लिए एक ही सूर्योदय छापती हैं या पाँच मिनट में पूर्णांकित करती हैं, उनमें कई मिनट का अंतर आएगा — और सूर्योदय से निकलने वाला हर मुहूर्त वही अंतर अपने साथ ले जाता है।

यह पंचांग किस मास पद्धति का अनुसरण करता है?

दोनों पद्धतियाँ दिखाई जाती हैं। अमांत मास (अमावस्या पर समाप्त) महाराष्ट्र, गुजरात, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में प्रचलित है; पूर्णिमांत मास (पूर्णिमा पर समाप्त) उत्तर भारत के अधिकांश भाग में। तिथि और त्योहार की तारीखें दोनों में समान रहती हैं — केवल मास का नाम बदलता है।

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