आज
शुक्ल पक्ष चतुर्दशी का चंद्रमा

पंचांग दुर्ग

शनिवार, 30 मई 2026 · दुर्ग, छत्तीसगढ़

चतुर्दशी
11:58 am तक
शुक्ल पक्ष · ज्येष्ठ
नक्षत्र विशाखा 1:20 pm तक
योग शिव पूर्ण रात्रि
करण वणिज 11:58 am तक
वार शनिवार
सूर्योदय 5:22 am
सूर्यास्त 6:42 pm
चंद्रोदय 5:59 pm
चंद्रास्त 4:14 am

शनिवार, 30 मई 2026 का पूरा पंचांग — दुर्ग, छत्तीसगढ़ के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय (5:22 am), सूर्यास्त (6:42 pm), राहु काल, चौघड़िया तथा दिन के शुभ मुहूर्त। ये सभी समय दुर्ग के अपने अक्षांश-देशांतर से गणना किए गए हैं, किसी दिल्ली-आधारित पंचांग से नकल नहीं — क्योंकि इनमें से हर समय स्थान के साथ बदलता है।

पंचांग विवरण

तिथि चतुर्दशी 5:22 am – 11:58 am
पूर्णिमा 11:58 am से · पूर्ण रात्रि
वार शनिवार शनि
पक्ष शुक्ल पक्ष
मास (अमांत) ज्येष्ठ
मास (पूर्णिमांत) ज्येष्ठ (अधिक)
चंद्र राशि तुला 6:38 am तक
सूर्य राशि वृषभ

शुभ मुहूर्त

मुहूर्तसमय
ब्रह्म मुहूर्त 3:57 am – 4:40 am
अभिजित मुहूर्त 11:35 am – 12:29 pm
विजय मुहूर्त 11:35 am – 12:29 pm
गोधूलि मुहूर्त 6:18 pm – 7:06 pm
प्रदोष काल 6:42 pm – 8:12 pm
निशिथ काल 11:41 pm – 12:23 am

अशुभ काल

मुहूर्तसमय
राहु काल 8:42 am – 10:22 am
गुलिक काल 5:22 am – 7:02 am
यमगण्ड 1:42 pm – 3:22 pm

शुभता अंक

42/100 मिश्रित + शिव योग ! रिक्ता तिथि (चतुर्दशी)

आगामी त्योहार

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

चौघड़िया समय गुण
काल 5:22 am – 7:02 am अशुभ
शुभ 7:02 am – 8:42 am शुभ
रोग 8:42 am – 10:22 am अशुभ
उद्वेग 10:22 am – 12:02 pm अशुभ
चर 12:02 pm – 1:42 pm शुभ
लाभ 1:42 pm – 3:22 pm शुभ
अमृत 3:22 pm – 5:02 pm शुभ
काल 5:02 pm – 6:42 pm अशुभ

रात का चौघड़िया

चौघड़िया समय गुण
लाभ 6:42 pm – 8:02 pm शुभ
उद्वेग 8:02 pm – 9:22 pm अशुभ
शुभ 9:22 pm – 10:42 pm शुभ
अमृत 10:42 pm – 12:02 am शुभ
चर 12:02 am – 1:22 am शुभ
रोग 1:22 am – 2:42 am अशुभ
काल 2:42 am – 4:02 am अशुभ
लाभ 4:02 am – 5:22 am शुभ

होरा

दिन की होरा

होरा समय
शनि 5:22 am – 6:29 am
गुरु 6:29 am – 7:36 am
मंगल 7:36 am – 8:42 am
सूर्य 8:42 am – 9:49 am
शुक्र 9:49 am – 10:55 am
बुध 10:55 am – 12:02 pm
चंद्र 12:02 pm – 1:09 pm
शनि 1:09 pm – 2:15 pm
गुरु 2:15 pm – 3:22 pm
मंगल 3:22 pm – 4:28 pm
सूर्य 4:28 pm – 5:35 pm
शुक्र 5:35 pm – 6:42 pm

रात की होरा

होरा समय
बुध 6:42 pm – 7:35 pm
चंद्र 7:35 pm – 8:28 pm
शनि 8:28 pm – 9:22 pm
गुरु 9:22 pm – 10:15 pm
मंगल 10:15 pm – 11:08 pm
सूर्य 11:08 pm – 12:02 am
शुक्र 12:02 am – 12:55 am
बुध 12:55 am – 1:49 am
चंद्र 1:49 am – 2:42 am
शनि 2:42 am – 3:35 am
गुरु 3:35 am – 4:29 am
मंगल 4:29 am – 5:22 am
विस्तार से देखें — दुर्ग का पूरा चौघड़िया, शुभ मुहूर्त और राहु काल, अथवा मासिक हिंदू कैलेंडर देखें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दुर्ग में आज की तिथि क्या है?

30 मई 2026 को दुर्ग में तिथि चतुर्दशी है, जो 11:58 am तक रहेगी। अधिकांश परंपराओं में सूर्योदय के समय चल रही तिथि ही उस दिन की तिथि मानी जाती है।

आज का नक्षत्र कौन-सा है?

30 मई 2026 को दुर्ग में चंद्रमा विशाखा नक्षत्र में है, जो 1:20 pm तक रहेगा।

दुर्ग में आज राहु काल कितने बजे है?

30 मई 2026 को दुर्ग में राहु काल 8:42 am – 10:22 am है। यह सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय का आठवाँ भाग होता है, और यह कौन-सा आठवाँ भाग होगा यह वार पर निर्भर करता है — इसीलिए सप्ताह भर इसका समय बदलता रहता है।

आज अभिजित मुहूर्त कब है?

30 मई 2026 को दुर्ग में अभिजित मुहूर्त 11:35 am – 12:29 pm है। यह स्थानीय मध्याह्न के आसपास लगभग 48 मिनट की अवधि है और लगभग प्रत्येक दिन कार्यारंभ के लिए शुभ मानी जाती है, कुछ परंपराओं में बुधवार को छोड़कर।

ब्रह्म मुहूर्त का समय क्या है?

ब्रह्म मुहूर्त 3:57 am – 4:40 am है, जो सूर्योदय 5:22 am से कुछ पहले समाप्त होता है। यह रात्रि के अंतिम प्रहर की चौथी और तीसरी मुहूर्त-अवधि है और अध्ययन, ध्यान तथा पूजा के लिए पारंपरिक रूप से सर्वश्रेष्ठ समय माना जाता है।

क्या आज का दिन शुभ है?

दुर्ग में 30 मई 2026 को कोई प्रमुख त्योहार नहीं है। व्यवहार में शुभता दिन के आधार पर नहीं, घंटे के आधार पर देखी जाती है — चौघड़िया सारणी देखें और 8:42 am – 10:22 am के राहु काल से बचें।

यहाँ का सूर्योदय अन्य पंचांग वेबसाइटों से अलग क्यों है?

इस पृष्ठ पर सूर्योदय 5:22 am और सूर्यास्त 6:42 pm है, जो दुर्ग के सटीक निर्देशांकों के लिए मानक अपवर्तन विधि से गणना किया गया है। जो साइटें पूरे देश के लिए एक ही सूर्योदय छापती हैं या पाँच मिनट में पूर्णांकित करती हैं, उनमें कई मिनट का अंतर आएगा — और सूर्योदय से निकलने वाला हर मुहूर्त वही अंतर अपने साथ ले जाता है।

यह पंचांग किस मास पद्धति का अनुसरण करता है?

दोनों पद्धतियाँ दिखाई जाती हैं। अमांत मास (अमावस्या पर समाप्त) महाराष्ट्र, गुजरात, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में प्रचलित है; पूर्णिमांत मास (पूर्णिमा पर समाप्त) उत्तर भारत के अधिकांश भाग में। तिथि और त्योहार की तारीखें दोनों में समान रहती हैं — केवल मास का नाम बदलता है।

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