आज
कृष्ण पक्ष तृतीया का चंद्रमा

पंचांग तिरुवनंतपुरम

रविवार, 11 सितंबर 2033 · तिरुवनंतपुरम, केरल

तृतीया
9:15 pm तक
कृष्ण पक्ष · भाद्रपद
नक्षत्र रेवती 7:48 pm तक
योग वृद्धि 10:34 pm तक
करण वणिज 10:56 am तक
वार रविवार
सूर्योदय 6:12 am
सूर्यास्त 6:24 pm
चंद्रोदय 8:26 pm
चंद्रास्त 8:08 am

रविवार, 11 सितंबर 2033 का पूरा पंचांग — तिरुवनंतपुरम, केरल के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय (6:12 am), सूर्यास्त (6:24 pm), राहु काल, चौघड़िया तथा दिन के शुभ मुहूर्त। ये सभी समय तिरुवनंतपुरम के अपने अक्षांश-देशांतर से गणना किए गए हैं, किसी दिल्ली-आधारित पंचांग से नकल नहीं — क्योंकि इनमें से हर समय स्थान के साथ बदलता है।

पंचांग विवरण

तिथि तृतीया 6:12 am – 9:15 pm
चतुर्थी 9:15 pm से · पूर्ण रात्रि
वार रविवार सूर्य
पक्ष कृष्ण पक्ष
मास (अमांत) भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत) आश्विन
चंद्र राशि मीन 7:48 pm तक
सूर्य राशि सिंह

शुभ मुहूर्त

मुहूर्तसमय
ब्रह्म मुहूर्त 4:38 am – 5:25 am
अभिजित मुहूर्त 11:54 am – 12:43 pm
विजय मुहूर्त 11:54 am – 12:43 pm
गोधूलि मुहूर्त 6:00 pm – 6:48 pm
प्रदोष काल 6:24 pm – 7:54 pm
निशिथ काल 11:55 pm – 12:42 am

अशुभ काल

मुहूर्तसमय
राहु काल 6:12 am – 7:44 am
गुलिक काल 3:21 pm – 4:53 pm
यमगण्ड 12:18 pm – 1:50 pm

शुभता अंक

77/100 अत्यंत शुभ + तृतीया+ रेवती

आगामी त्योहार

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

चौघड़िया समय गुण
उद्वेग 6:12 am – 7:44 am अशुभ
चर 7:44 am – 9:15 am शुभ
लाभ 9:15 am – 10:47 am शुभ
अमृत 10:47 am – 12:18 pm शुभ
काल 12:18 pm – 1:50 pm अशुभ
शुभ 1:50 pm – 3:21 pm शुभ
रोग 3:21 pm – 4:53 pm अशुभ
उद्वेग 4:53 pm – 6:24 pm अशुभ

रात का चौघड़िया

चौघड़िया समय गुण
शुभ 6:24 pm – 7:53 pm शुभ
अमृत 7:53 pm – 9:21 pm शुभ
चर 9:21 pm – 10:50 pm शुभ
रोग 10:50 pm – 12:18 am अशुभ
काल 12:18 am – 1:47 am अशुभ
लाभ 1:47 am – 3:15 am शुभ
उद्वेग 3:15 am – 4:44 am अशुभ
शुभ 4:44 am – 6:12 am शुभ

होरा

दिन की होरा

होरा समय
सूर्य 6:12 am – 7:13 am
शुक्र 7:13 am – 8:14 am
बुध 8:14 am – 9:15 am
चंद्र 9:15 am – 10:16 am
शनि 10:16 am – 11:17 am
गुरु 11:17 am – 12:18 pm
मंगल 12:18 pm – 1:19 pm
सूर्य 1:19 pm – 2:20 pm
शुक्र 2:20 pm – 3:21 pm
बुध 3:21 pm – 4:22 pm
चंद्र 4:22 pm – 5:23 pm
शनि 5:23 pm – 6:24 pm

रात की होरा

होरा समय
गुरु 6:24 pm – 7:23 pm
मंगल 7:23 pm – 8:22 pm
सूर्य 8:22 pm – 9:21 pm
शुक्र 9:21 pm – 10:20 pm
बुध 10:20 pm – 11:19 pm
चंद्र 11:19 pm – 12:18 am
शनि 12:18 am – 1:17 am
गुरु 1:17 am – 2:16 am
मंगल 2:16 am – 3:15 am
सूर्य 3:15 am – 4:14 am
शुक्र 4:14 am – 5:13 am
बुध 5:13 am – 6:12 am
विस्तार से देखें — तिरुवनंतपुरम का पूरा चौघड़िया, शुभ मुहूर्त और राहु काल, अथवा मासिक हिंदू कैलेंडर देखें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तिरुवनंतपुरम में आज की तिथि क्या है?

11 सितंबर 2033 को तिरुवनंतपुरम में तिथि तृतीया है, जो 9:15 pm तक रहेगी। अधिकांश परंपराओं में सूर्योदय के समय चल रही तिथि ही उस दिन की तिथि मानी जाती है।

आज का नक्षत्र कौन-सा है?

11 सितंबर 2033 को तिरुवनंतपुरम में चंद्रमा रेवती नक्षत्र में है, जो 7:48 pm तक रहेगा।

तिरुवनंतपुरम में आज राहु काल कितने बजे है?

11 सितंबर 2033 को तिरुवनंतपुरम में राहु काल 6:12 am – 7:44 am है। यह सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय का आठवाँ भाग होता है, और यह कौन-सा आठवाँ भाग होगा यह वार पर निर्भर करता है — इसीलिए सप्ताह भर इसका समय बदलता रहता है।

आज अभिजित मुहूर्त कब है?

11 सितंबर 2033 को तिरुवनंतपुरम में अभिजित मुहूर्त 11:54 am – 12:43 pm है। यह स्थानीय मध्याह्न के आसपास लगभग 48 मिनट की अवधि है और लगभग प्रत्येक दिन कार्यारंभ के लिए शुभ मानी जाती है, कुछ परंपराओं में बुधवार को छोड़कर।

ब्रह्म मुहूर्त का समय क्या है?

ब्रह्म मुहूर्त 4:38 am – 5:25 am है, जो सूर्योदय 6:12 am से कुछ पहले समाप्त होता है। यह रात्रि के अंतिम प्रहर की चौथी और तीसरी मुहूर्त-अवधि है और अध्ययन, ध्यान तथा पूजा के लिए पारंपरिक रूप से सर्वश्रेष्ठ समय माना जाता है।

क्या आज का दिन शुभ है?

तिरुवनंतपुरम में 11 सितंबर 2033 को कोई प्रमुख त्योहार नहीं है। व्यवहार में शुभता दिन के आधार पर नहीं, घंटे के आधार पर देखी जाती है — चौघड़िया सारणी देखें और 6:12 am – 7:44 am के राहु काल से बचें।

यहाँ का सूर्योदय अन्य पंचांग वेबसाइटों से अलग क्यों है?

इस पृष्ठ पर सूर्योदय 6:12 am और सूर्यास्त 6:24 pm है, जो तिरुवनंतपुरम के सटीक निर्देशांकों के लिए मानक अपवर्तन विधि से गणना किया गया है। जो साइटें पूरे देश के लिए एक ही सूर्योदय छापती हैं या पाँच मिनट में पूर्णांकित करती हैं, उनमें कई मिनट का अंतर आएगा — और सूर्योदय से निकलने वाला हर मुहूर्त वही अंतर अपने साथ ले जाता है।

यह पंचांग किस मास पद्धति का अनुसरण करता है?

दोनों पद्धतियाँ दिखाई जाती हैं। अमांत मास (अमावस्या पर समाप्त) महाराष्ट्र, गुजरात, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में प्रचलित है; पूर्णिमांत मास (पूर्णिमा पर समाप्त) उत्तर भारत के अधिकांश भाग में। तिथि और त्योहार की तारीखें दोनों में समान रहती हैं — केवल मास का नाम बदलता है।

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