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चौघड़िया — 21 सितंबर 2026, उज्जैन

सोमवार · उज्जैन

सूर्योदय6:15 am
सूर्यास्त6:24 pm

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

चौघड़िया समय शुभ/अशुभ
अमृत 6:15 am – 7:46 am शुभ
काल 7:46 am – 9:17 am अशुभ
शुभ 9:17 am – 10:48 am शुभ
रोग 10:48 am – 12:19 pm अशुभ
उद्वेग 12:19 pm – 1:51 pm अशुभ
चर 1:51 pm – 3:22 pm शुभ
लाभ 3:22 pm – 4:53 pm शुभ
अमृत 4:53 pm – 6:24 pm शुभ

रात का चौघड़िया

चौघड़िया समय शुभ/अशुभ
चर 6:24 pm – 7:53 pm शुभ
रोग 7:53 pm – 9:22 pm अशुभ
काल 9:22 pm – 10:51 pm अशुभ
लाभ 10:51 pm – 12:20 am शुभ
उद्वेग 12:20 am – 1:48 am अशुभ
शुभ 1:48 am – 3:17 am शुभ
अमृत 3:17 am – 4:46 am शुभ
चर 4:46 am – 6:15 am शुभ

होरा

दिन की होरा

होरा समय
चंद्र 6:15 am – 7:15 am
शनि 7:15 am – 8:16 am
गुरु 8:16 am – 9:17 am
मंगल 9:17 am – 10:18 am
सूर्य 10:18 am – 11:19 am
शुक्र 11:19 am – 12:19 pm
बुध 12:19 pm – 1:20 pm
चंद्र 1:20 pm – 2:21 pm
शनि 2:21 pm – 3:22 pm
गुरु 3:22 pm – 4:22 pm
मंगल 4:22 pm – 5:23 pm
सूर्य 5:23 pm – 6:24 pm

रात की होरा

होरा समय
शुक्र 6:24 pm – 7:23 pm
बुध 7:23 pm – 8:23 pm
चंद्र 8:23 pm – 9:22 pm
शनि 9:22 pm – 10:21 pm
गुरु 10:21 pm – 11:20 pm
मंगल 11:20 pm – 12:20 am
सूर्य 12:20 am – 1:19 am
शुक्र 1:19 am – 2:18 am
बुध 2:18 am – 3:17 am
चंद्र 3:17 am – 4:16 am
शनि 4:16 am – 5:16 am
गुरु 5:16 am – 6:15 am

अशुभ काल

मुहूर्तसमय
राहु काल 7:46 am – 9:17 am
गुलिक काल 1:51 pm – 3:22 pm
यमगण्ड 10:48 am – 12:19 pm

उज्जैन में 21 सितंबर 2026 का चौघड़िया। सूर्योदय (6:15 am) से सूर्यास्त (6:24 pm) तक के दिनमान को आठ बराबर भागों में और सूर्यास्त से अगले सूर्योदय तक के रात्रिमान को आठ भागों में बाँटा जाता है। प्रत्येक भाग का एक नाम होता है जो उसे शुभ, अशुभ या सामान्य बताता है।

चौघड़िया कैसे देखें

व्यवहार में चौघड़िया सबसे शीघ्र प्रयोग होने वाली मुहूर्त पद्धति है — इसके लिए किसी कुंडली की आवश्यकता नहीं, केवल वार और सूर्योदय का समय चाहिए। यात्रा पर निकलने से पहले, कोई कागज़ पर हस्ताक्षर करने से पहले, या ऐसा छोटा कार्य आरंभ करने से पहले जिसके लिए पूरी मुहूर्त-गणना अनावश्यक हो, परंपरागत रूप से यही देखा जाता है।

  • अमृत — सर्वाधिक शुभ; प्रत्येक कार्य के लिए उपयुक्त।
  • शुभ — शुभ; विवाह, संस्कार तथा धार्मिक कार्यों के लिए श्रेष्ठ।
  • लाभ — व्यापार, क्रय-विक्रय और नए उद्यम के लिए सर्वोत्तम।
  • चर — चंचल; यात्रा तथा गतिशील कार्यों के लिए उत्तम।
  • उद्वेग — व्यग्रता; नए कार्य से बचें, यद्यपि कुछ परंपराओं में शासकीय कार्य इसका अपवाद है।
  • रोग — रोग; विशेषतः स्वास्थ्य संबंधी कार्य और यात्रा से बचें।
  • काल — सर्वाधिक अशुभ; कोई भी महत्वपूर्ण कार्य आरंभ न करें।

दिन और रात का क्रम भिन्न होता है

दिन का क्रम वार के अनुसार निश्चित नाम से आरंभ होकर सातों नामों में चक्रीय रूप से चलता है; रात्रि का क्रम भिन्न नाम से आरंभ होता है और उसका चक्र भी भिन्न है। यही कारण है कि रविवार को याद रखा गया चौघड़िया बुधवार पर लागू नहीं होता, और नीचे दी गई रात्रि सारणी दिन की सारणी की पुनरावृत्ति मात्र नहीं है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कार्य आरंभ के लिए कौन-सा चौघड़िया सर्वश्रेष्ठ है?

सामान्यतः अमृत सर्वाधिक शुभ है, उसके बाद शुभ और लाभ। व्यापार तथा धन संबंधी कार्यों के लिए लाभ श्रेष्ठ है; यात्रा के लिए चर। जिस कार्य को स्थायी बनाना हो उसके लिए काल, रोग और उद्वेग से बचें।

एक चौघड़िया कितनी देर का होता है?

लगभग डेढ़ घंटे का, किंतु कभी ठीक उतना नहीं। दिन का प्रत्येक चौघड़िया सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय का आठवाँ भाग होता है, अतः ग्रीष्म में यह डेढ़ घंटे से अधिक और शीत में कम हो जाता है — तथा रात्रि के चौघड़िये विपरीत दिशा में बदलते हैं।

क्या उज्जैन का चौघड़िया अलग होता है?

हाँ। नामों का क्रम केवल वार पर निर्भर करता है, किंतु समय पूर्णतः उज्जैन के सूर्योदय और सूर्यास्त पर निर्भर है। इसीलिए इस पृष्ठ की सारणी किसी राष्ट्रीय औसत से नहीं, उसी शहर के लिए गणना की गई है।

क्या काल चौघड़िया में यात्रा कर सकते हैं?

परंपरागत रूप से यात्रा आरंभ के लिए काल का त्याग किया जाता है। यदि यात्रा अनिवार्य हो तो प्रचलित उपाय यह है कि शुभ चौघड़िया में — अमृत, शुभ, लाभ या चर में — प्रतीकात्मक रूप से घर से बाहर पग रख दिया जाए और वास्तविक यात्रा उसके बाद आरंभ की जाए।

वेला क्या है और चौघड़िया से इसका क्या संबंध है?

वेला शुभ काल के लिए व्यापक शब्द है; चौघड़िया उसे निकालने की एक विशिष्ट आठ-भाग पद्धति है। दोनों को राहु काल और तिथि के साथ मिलाकर देखा जाता है — अकेला चौघड़िया एक शीघ्र जाँच है, संपूर्ण मुहूर्त नहीं।

21 सितंबर 2026 — उज्जैन

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