आज
शुक्ल पक्ष पूर्णिमा का चंद्रमा

पंचांग चंडीगढ़

शनिवार, 4 मार्च 2034 · चंडीगढ़, चंडीगढ़

पूर्णिमा
शुक्ल पक्ष · फाल्गुन
नक्षत्र मघा 6:20 pm तक
योग सुकर्म 6:54 pm तक
करण भद्र 7:03 pm तक
वार शनिवार
सूर्योदय 6:46 am
सूर्यास्त 6:23 pm
चंद्रोदय 5:49 pm
चंद्रास्त 6:05 am

शनिवार, 4 मार्च 2034 का पूरा पंचांग — चंडीगढ़, चंडीगढ़ के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय (6:46 am), सूर्यास्त (6:23 pm), राहु काल, चौघड़िया तथा दिन के शुभ मुहूर्त। ये सभी समय चंडीगढ़ के अपने अक्षांश-देशांतर से गणना किए गए हैं, किसी दिल्ली-आधारित पंचांग से नकल नहीं — क्योंकि इनमें से हर समय स्थान के साथ बदलता है।

आज के त्योहार

होलिका दहन
होलिका दहन — भद्रा के बाद प्रदोष काल में होलिका दहन, बुराई के नाश का प्रतीक।
प्रदोष काल: 6:23 pm – 8:51 pm
पूर्णिमा
पूर्णिमा — पूर्ण चंद्र तिथि, सत्यनारायण पूजा एवं नदी स्नान के लिए शुभ।

पंचांग विवरण

तिथि पूर्णिमा 6:46 am से · पूर्ण रात्रि
वार शनिवार शनि
पक्ष शुक्ल पक्ष
मास (अमांत) फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत) फाल्गुन
चंद्र राशि सिंह
सूर्य राशि कुंभ

शुभ मुहूर्त

मुहूर्तसमय
ब्रह्म मुहूर्त 5:06 am – 5:55 am
अभिजित मुहूर्त 12:11 pm – 12:58 pm
विजय मुहूर्त 12:11 pm – 12:58 pm
गोधूलि मुहूर्त 5:59 pm – 6:47 pm
प्रदोष काल 6:23 pm – 7:53 pm
निशिथ काल 12:09 am – 12:58 am

अशुभ काल

मुहूर्तसमय
राहु काल 9:40 am – 11:07 am
गुलिक काल 6:46 am – 8:13 am
यमगण्ड 2:01 pm – 3:29 pm

शुभता अंक

62/100 शुभ + पूर्णिमा

आगामी त्योहार

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

चौघड़िया समय गुण
काल 6:46 am – 8:13 am अशुभ
शुभ 8:13 am – 9:40 am शुभ
रोग 9:40 am – 11:07 am अशुभ
उद्वेग 11:07 am – 12:34 pm अशुभ
चर 12:34 pm – 2:01 pm शुभ
लाभ 2:01 pm – 3:29 pm शुभ
अमृत 3:29 pm – 4:56 pm शुभ
काल 4:56 pm – 6:23 pm अशुभ

रात का चौघड़िया

चौघड़िया समय गुण
लाभ 6:23 pm – 7:56 pm शुभ
उद्वेग 7:56 pm – 9:28 pm अशुभ
शुभ 9:28 pm – 11:01 pm शुभ
अमृत 11:01 pm – 12:34 am शुभ
चर 12:34 am – 2:06 am शुभ
रोग 2:06 am – 3:39 am अशुभ
काल 3:39 am – 5:12 am अशुभ
लाभ 5:12 am – 6:45 am शुभ

होरा

दिन की होरा

होरा समय
शनि 6:46 am – 7:44 am
गुरु 7:44 am – 8:42 am
मंगल 8:42 am – 9:40 am
सूर्य 9:40 am – 10:38 am
शुक्र 10:38 am – 11:36 am
बुध 11:36 am – 12:34 pm
चंद्र 12:34 pm – 1:32 pm
शनि 1:32 pm – 2:30 pm
गुरु 2:30 pm – 3:29 pm
मंगल 3:29 pm – 4:27 pm
सूर्य 4:27 pm – 5:25 pm
शुक्र 5:25 pm – 6:23 pm

रात की होरा

होरा समय
बुध 6:23 pm – 7:25 pm
चंद्र 7:25 pm – 8:27 pm
शनि 8:27 pm – 9:28 pm
गुरु 9:28 pm – 10:30 pm
मंगल 10:30 pm – 11:32 pm
सूर्य 11:32 pm – 12:34 am
शुक्र 12:34 am – 1:36 am
बुध 1:36 am – 2:37 am
चंद्र 2:37 am – 3:39 am
शनि 3:39 am – 4:41 am
गुरु 4:41 am – 5:43 am
मंगल 5:43 am – 6:45 am
विस्तार से देखें — चंडीगढ़ का पूरा चौघड़िया, शुभ मुहूर्त और राहु काल, अथवा मासिक हिंदू कैलेंडर देखें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चंडीगढ़ में आज की तिथि क्या है?

4 मार्च 2034 को चंडीगढ़ में तिथि पूर्णिमा है। अधिकांश परंपराओं में सूर्योदय के समय चल रही तिथि ही उस दिन की तिथि मानी जाती है।

आज का नक्षत्र कौन-सा है?

4 मार्च 2034 को चंडीगढ़ में चंद्रमा मघा नक्षत्र में है, जो 6:20 pm तक रहेगा।

चंडीगढ़ में आज राहु काल कितने बजे है?

4 मार्च 2034 को चंडीगढ़ में राहु काल 9:40 am – 11:07 am है। यह सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय का आठवाँ भाग होता है, और यह कौन-सा आठवाँ भाग होगा यह वार पर निर्भर करता है — इसीलिए सप्ताह भर इसका समय बदलता रहता है।

आज अभिजित मुहूर्त कब है?

4 मार्च 2034 को चंडीगढ़ में अभिजित मुहूर्त 12:11 pm – 12:58 pm है। यह स्थानीय मध्याह्न के आसपास लगभग 48 मिनट की अवधि है और लगभग प्रत्येक दिन कार्यारंभ के लिए शुभ मानी जाती है, कुछ परंपराओं में बुधवार को छोड़कर।

ब्रह्म मुहूर्त का समय क्या है?

ब्रह्म मुहूर्त 5:06 am – 5:55 am है, जो सूर्योदय 6:46 am से कुछ पहले समाप्त होता है। यह रात्रि के अंतिम प्रहर की चौथी और तीसरी मुहूर्त-अवधि है और अध्ययन, ध्यान तथा पूजा के लिए पारंपरिक रूप से सर्वश्रेष्ठ समय माना जाता है।

क्या आज का दिन शुभ है?

चंडीगढ़ में 4 मार्च 2034 को होलिका दहन है, अतः यह पर्व दिवस है। त्योहार के अतिरिक्त, विशिष्ट घड़ी चुनने के लिए इस पृष्ठ की चौघड़िया और शुभ मुहूर्त सारणी देखें — बहुत कम दिन पूर्णतः शुभ या पूर्णतः अशुभ होते हैं।

यहाँ का सूर्योदय अन्य पंचांग वेबसाइटों से अलग क्यों है?

इस पृष्ठ पर सूर्योदय 6:46 am और सूर्यास्त 6:23 pm है, जो चंडीगढ़ के सटीक निर्देशांकों के लिए मानक अपवर्तन विधि से गणना किया गया है। जो साइटें पूरे देश के लिए एक ही सूर्योदय छापती हैं या पाँच मिनट में पूर्णांकित करती हैं, उनमें कई मिनट का अंतर आएगा — और सूर्योदय से निकलने वाला हर मुहूर्त वही अंतर अपने साथ ले जाता है।

यह पंचांग किस मास पद्धति का अनुसरण करता है?

दोनों पद्धतियाँ दिखाई जाती हैं। अमांत मास (अमावस्या पर समाप्त) महाराष्ट्र, गुजरात, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में प्रचलित है; पूर्णिमांत मास (पूर्णिमा पर समाप्त) उत्तर भारत के अधिकांश भाग में। तिथि और त्योहार की तारीखें दोनों में समान रहती हैं — केवल मास का नाम बदलता है।

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