आज
कृष्ण पक्ष एकादशी का चंद्रमा

पंचांग इंदौर

गुरुवार, 10 अगस्त 2034 · इंदौर, मध्य प्रदेश

एकादशी
4:16 pm तक
कृष्ण पक्ष · आषाढ़
नक्षत्र मृगशिरा 6:08 pm तक
योग व्याघात 7:06 am तक
करण बालव 4:16 pm तक
वार गुरुवार
सूर्योदय 6:01 am
सूर्यास्त 7:02 pm
चंद्रोदय 2:05 am
चंद्रास्त 3:41 pm

गुरुवार, 10 अगस्त 2034 का पूरा पंचांग — इंदौर, मध्य प्रदेश के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय (6:01 am), सूर्यास्त (7:02 pm), राहु काल, चौघड़िया तथा दिन के शुभ मुहूर्त। ये सभी समय इंदौर के अपने अक्षांश-देशांतर से गणना किए गए हैं, किसी दिल्ली-आधारित पंचांग से नकल नहीं — क्योंकि इनमें से हर समय स्थान के साथ बदलता है।

आज के त्योहार

कामिका एकादशी
जन्म-जन्मान्तर के पापों का नाश।
तिथि समाप्त - 10 अगस्त 2034 को 4:16 pm

पंचांग विवरण

तिथि एकादशी 6:01 am – 4:16 pm
द्वादशी 4:16 pm से · पूर्ण रात्रि
वार गुरुवार गुरु
पक्ष कृष्ण पक्ष
मास (अमांत) आषाढ़
मास (पूर्णिमांत) श्रावण
चंद्र राशि वृषभ 6:52 am तक
सूर्य राशि कर्क

शुभ मुहूर्त

मुहूर्तसमय
ब्रह्म मुहूर्त 4:33 am – 5:17 am
अभिजित मुहूर्त 12:05 pm – 12:57 pm
विजय मुहूर्त 12:05 pm – 12:57 pm
गोधूलि मुहूर्त 6:38 pm – 7:26 pm
प्रदोष काल 7:02 pm – 8:32 pm
निशिथ काल 12:10 am – 12:54 am

अशुभ काल

मुहूर्तसमय
राहु काल 2:09 pm – 3:47 pm
गुलिक काल 9:16 am – 10:54 am
यमगण्ड 6:01 am – 7:39 am

शुभता अंक

70/100 शुभ + एकादशी+ मृगशिरा+ गुरु वार ! व्याघात योग

आगामी त्योहार

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

चौघड़िया समय गुण
शुभ 6:01 am – 7:39 am शुभ
रोग 7:39 am – 9:16 am अशुभ
उद्वेग 9:16 am – 10:54 am अशुभ
चर 10:54 am – 12:31 pm शुभ
लाभ 12:31 pm – 2:09 pm शुभ
अमृत 2:09 pm – 3:47 pm शुभ
काल 3:47 pm – 5:24 pm अशुभ
शुभ 5:24 pm – 7:02 pm शुभ

रात का चौघड़िया

चौघड़िया समय गुण
अमृत 7:02 pm – 8:24 pm शुभ
चर 8:24 pm – 9:47 pm शुभ
रोग 9:47 pm – 11:09 pm अशुभ
काल 11:09 pm – 12:32 am अशुभ
लाभ 12:32 am – 1:54 am शुभ
उद्वेग 1:54 am – 3:16 am अशुभ
शुभ 3:16 am – 4:39 am शुभ
अमृत 4:39 am – 6:01 am शुभ

होरा

दिन की होरा

होरा समय
गुरु 6:01 am – 7:06 am
मंगल 7:06 am – 8:11 am
सूर्य 8:11 am – 9:16 am
शुक्र 9:16 am – 10:21 am
बुध 10:21 am – 11:26 am
चंद्र 11:26 am – 12:31 pm
शनि 12:31 pm – 1:36 pm
गुरु 1:36 pm – 2:41 pm
मंगल 2:41 pm – 3:47 pm
सूर्य 3:47 pm – 4:52 pm
शुक्र 4:52 pm – 5:57 pm
बुध 5:57 pm – 7:02 pm

रात की होरा

होरा समय
चंद्र 7:02 pm – 7:57 pm
शनि 7:57 pm – 8:52 pm
गुरु 8:52 pm – 9:47 pm
मंगल 9:47 pm – 10:42 pm
सूर्य 10:42 pm – 11:37 pm
शुक्र 11:37 pm – 12:32 am
बुध 12:32 am – 1:26 am
चंद्र 1:26 am – 2:21 am
शनि 2:21 am – 3:16 am
गुरु 3:16 am – 4:11 am
मंगल 4:11 am – 5:06 am
सूर्य 5:06 am – 6:01 am
विस्तार से देखें — इंदौर का पूरा चौघड़िया, शुभ मुहूर्त और राहु काल, अथवा मासिक हिंदू कैलेंडर देखें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इंदौर में आज की तिथि क्या है?

10 अगस्त 2034 को इंदौर में तिथि एकादशी है, जो 4:16 pm तक रहेगी। अधिकांश परंपराओं में सूर्योदय के समय चल रही तिथि ही उस दिन की तिथि मानी जाती है।

आज का नक्षत्र कौन-सा है?

10 अगस्त 2034 को इंदौर में चंद्रमा मृगशिरा नक्षत्र में है, जो 6:08 pm तक रहेगा।

इंदौर में आज राहु काल कितने बजे है?

10 अगस्त 2034 को इंदौर में राहु काल 2:09 pm – 3:47 pm है। यह सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय का आठवाँ भाग होता है, और यह कौन-सा आठवाँ भाग होगा यह वार पर निर्भर करता है — इसीलिए सप्ताह भर इसका समय बदलता रहता है।

आज अभिजित मुहूर्त कब है?

10 अगस्त 2034 को इंदौर में अभिजित मुहूर्त 12:05 pm – 12:57 pm है। यह स्थानीय मध्याह्न के आसपास लगभग 48 मिनट की अवधि है और लगभग प्रत्येक दिन कार्यारंभ के लिए शुभ मानी जाती है, कुछ परंपराओं में बुधवार को छोड़कर।

ब्रह्म मुहूर्त का समय क्या है?

ब्रह्म मुहूर्त 4:33 am – 5:17 am है, जो सूर्योदय 6:01 am से कुछ पहले समाप्त होता है। यह रात्रि के अंतिम प्रहर की चौथी और तीसरी मुहूर्त-अवधि है और अध्ययन, ध्यान तथा पूजा के लिए पारंपरिक रूप से सर्वश्रेष्ठ समय माना जाता है।

क्या आज का दिन शुभ है?

इंदौर में 10 अगस्त 2034 को कामिका एकादशी है, अतः यह पर्व दिवस है। त्योहार के अतिरिक्त, विशिष्ट घड़ी चुनने के लिए इस पृष्ठ की चौघड़िया और शुभ मुहूर्त सारणी देखें — बहुत कम दिन पूर्णतः शुभ या पूर्णतः अशुभ होते हैं।

यहाँ का सूर्योदय अन्य पंचांग वेबसाइटों से अलग क्यों है?

इस पृष्ठ पर सूर्योदय 6:01 am और सूर्यास्त 7:02 pm है, जो इंदौर के सटीक निर्देशांकों के लिए मानक अपवर्तन विधि से गणना किया गया है। जो साइटें पूरे देश के लिए एक ही सूर्योदय छापती हैं या पाँच मिनट में पूर्णांकित करती हैं, उनमें कई मिनट का अंतर आएगा — और सूर्योदय से निकलने वाला हर मुहूर्त वही अंतर अपने साथ ले जाता है।

यह पंचांग किस मास पद्धति का अनुसरण करता है?

दोनों पद्धतियाँ दिखाई जाती हैं। अमांत मास (अमावस्या पर समाप्त) महाराष्ट्र, गुजरात, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में प्रचलित है; पूर्णिमांत मास (पूर्णिमा पर समाप्त) उत्तर भारत के अधिकांश भाग में। तिथि और त्योहार की तारीखें दोनों में समान रहती हैं — केवल मास का नाम बदलता है।

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