आज
कृष्ण पक्ष अमावस्या का चंद्रमा

पंचांग नासिक

मंगलवार, 18 अप्रैल 2034 · नासिक, महाराष्ट्र

अमावस्या
12:55 am तक
कृष्ण पक्ष · चैत्र
नक्षत्र रेवती 5:49 pm तक
योग वैधृति 11:34 am तक
करण चतुष्पद 2:47 pm तक
वार मंगलवार
सूर्योदय 6:14 am
सूर्यास्त 6:53 pm
चंद्रोदय 5:45 am
चंद्रास्त 6:34 pm

मंगलवार, 18 अप्रैल 2034 का पूरा पंचांग — नासिक, महाराष्ट्र के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय (6:14 am), सूर्यास्त (6:53 pm), राहु काल, चौघड़िया तथा दिन के शुभ मुहूर्त। ये सभी समय नासिक के अपने अक्षांश-देशांतर से गणना किए गए हैं, किसी दिल्ली-आधारित पंचांग से नकल नहीं — क्योंकि इनमें से हर समय स्थान के साथ बदलता है।

आज के त्योहार

अमावस्या
अमावस्या — अमा तिथि, पितृ तर्पण, श्राद्ध एवं दीप दान के लिए उत्तम।

पंचांग विवरण

तिथि अमावस्या 6:14 am – 12:55 am
वार मंगलवार मंगल
पक्ष कृष्ण पक्ष
मास (अमांत) चैत्र
मास (पूर्णिमांत) वैशाख
चंद्र राशि मीन 5:49 pm तक
सूर्य राशि मेष

शुभ मुहूर्त

मुहूर्तसमय
ब्रह्म मुहूर्त 4:43 am – 5:28 am
अभिजित मुहूर्त 12:09 pm – 12:59 pm
विजय मुहूर्त 12:09 pm – 12:59 pm
गोधूलि मुहूर्त 6:29 pm – 7:17 pm
प्रदोष काल 6:53 pm – 8:23 pm
निशिथ काल 12:11 am – 12:56 am

अशुभ काल

मुहूर्तसमय
राहु काल 3:44 pm – 5:19 pm
गुलिक काल 12:34 pm – 2:09 pm
यमगण्ड 9:24 am – 10:59 am

शुभता अंक

40/100 मिश्रित + रेवती ! अमावस्या! वैधृति योग

आगामी त्योहार

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

चौघड़िया समय गुण
रोग 6:14 am – 7:49 am अशुभ
उद्वेग 7:49 am – 9:24 am अशुभ
चर 9:24 am – 10:59 am शुभ
लाभ 10:59 am – 12:34 pm शुभ
अमृत 12:34 pm – 2:09 pm शुभ
काल 2:09 pm – 3:44 pm अशुभ
शुभ 3:44 pm – 5:19 pm शुभ
रोग 5:19 pm – 6:53 pm अशुभ

रात का चौघड़िया

चौघड़िया समय गुण
लाभ 6:53 pm – 8:18 pm शुभ
उद्वेग 8:18 pm – 9:43 pm अशुभ
शुभ 9:43 pm – 11:08 pm शुभ
अमृत 11:08 pm – 12:33 am शुभ
चर 12:33 am – 1:58 am शुभ
रोग 1:58 am – 3:23 am अशुभ
काल 3:23 am – 4:48 am अशुभ
लाभ 4:48 am – 6:13 am शुभ

होरा

दिन की होरा

होरा समय
मंगल 6:14 am – 7:18 am
सूर्य 7:18 am – 8:21 am
शुक्र 8:21 am – 9:24 am
बुध 9:24 am – 10:27 am
चंद्र 10:27 am – 11:31 am
शनि 11:31 am – 12:34 pm
गुरु 12:34 pm – 1:37 pm
मंगल 1:37 pm – 2:40 pm
सूर्य 2:40 pm – 3:44 pm
शुक्र 3:44 pm – 4:47 pm
बुध 4:47 pm – 5:50 pm
चंद्र 5:50 pm – 6:53 pm

रात की होरा

होरा समय
शनि 6:53 pm – 7:50 pm
गुरु 7:50 pm – 8:47 pm
मंगल 8:47 pm – 9:43 pm
सूर्य 9:43 pm – 10:40 pm
शुक्र 10:40 pm – 11:37 pm
बुध 11:37 pm – 12:33 am
चंद्र 12:33 am – 1:30 am
शनि 1:30 am – 2:27 am
गुरु 2:27 am – 3:23 am
मंगल 3:23 am – 4:20 am
सूर्य 4:20 am – 5:17 am
शुक्र 5:17 am – 6:13 am
विस्तार से देखें — नासिक का पूरा चौघड़िया, शुभ मुहूर्त और राहु काल, अथवा मासिक हिंदू कैलेंडर देखें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नासिक में आज की तिथि क्या है?

18 अप्रैल 2034 को नासिक में तिथि अमावस्या है, जो 12:55 am तक रहेगी। अधिकांश परंपराओं में सूर्योदय के समय चल रही तिथि ही उस दिन की तिथि मानी जाती है।

आज का नक्षत्र कौन-सा है?

18 अप्रैल 2034 को नासिक में चंद्रमा रेवती नक्षत्र में है, जो 5:49 pm तक रहेगा।

नासिक में आज राहु काल कितने बजे है?

18 अप्रैल 2034 को नासिक में राहु काल 3:44 pm – 5:19 pm है। यह सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय का आठवाँ भाग होता है, और यह कौन-सा आठवाँ भाग होगा यह वार पर निर्भर करता है — इसीलिए सप्ताह भर इसका समय बदलता रहता है।

आज अभिजित मुहूर्त कब है?

18 अप्रैल 2034 को नासिक में अभिजित मुहूर्त 12:09 pm – 12:59 pm है। यह स्थानीय मध्याह्न के आसपास लगभग 48 मिनट की अवधि है और लगभग प्रत्येक दिन कार्यारंभ के लिए शुभ मानी जाती है, कुछ परंपराओं में बुधवार को छोड़कर।

ब्रह्म मुहूर्त का समय क्या है?

ब्रह्म मुहूर्त 4:43 am – 5:28 am है, जो सूर्योदय 6:14 am से कुछ पहले समाप्त होता है। यह रात्रि के अंतिम प्रहर की चौथी और तीसरी मुहूर्त-अवधि है और अध्ययन, ध्यान तथा पूजा के लिए पारंपरिक रूप से सर्वश्रेष्ठ समय माना जाता है।

क्या आज का दिन शुभ है?

नासिक में 18 अप्रैल 2034 को अमावस्या है, अतः यह पर्व दिवस है। त्योहार के अतिरिक्त, विशिष्ट घड़ी चुनने के लिए इस पृष्ठ की चौघड़िया और शुभ मुहूर्त सारणी देखें — बहुत कम दिन पूर्णतः शुभ या पूर्णतः अशुभ होते हैं।

यहाँ का सूर्योदय अन्य पंचांग वेबसाइटों से अलग क्यों है?

इस पृष्ठ पर सूर्योदय 6:14 am और सूर्यास्त 6:53 pm है, जो नासिक के सटीक निर्देशांकों के लिए मानक अपवर्तन विधि से गणना किया गया है। जो साइटें पूरे देश के लिए एक ही सूर्योदय छापती हैं या पाँच मिनट में पूर्णांकित करती हैं, उनमें कई मिनट का अंतर आएगा — और सूर्योदय से निकलने वाला हर मुहूर्त वही अंतर अपने साथ ले जाता है।

यह पंचांग किस मास पद्धति का अनुसरण करता है?

दोनों पद्धतियाँ दिखाई जाती हैं। अमांत मास (अमावस्या पर समाप्त) महाराष्ट्र, गुजरात, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में प्रचलित है; पूर्णिमांत मास (पूर्णिमा पर समाप्त) उत्तर भारत के अधिकांश भाग में। तिथि और त्योहार की तारीखें दोनों में समान रहती हैं — केवल मास का नाम बदलता है।

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