आज

पंचांग — 4 अप्रैल 2029, प्रयागराज

बुधवार · प्रयागराज · उत्तर प्रदेश

षष्ठी
2:05 pm तक
कृष्ण पक्ष · चैत्र
नक्षत्र ज्येष्ठा
योग वरीयान
वार बुधवार
सूर्य राशि मीन

पंचांग विवरण

तिथि षष्ठी 5:50 am – 2:05 pm
सप्तमी 2:05 pm से · पूर्ण रात्रि
नक्षत्र ज्येष्ठा 9:30 am तक
योग वरीयान 1:24 am तक
करण वणिज 2:05 pm तक
वार बुधवार बुध
पक्ष कृष्ण पक्ष
मास (अमांत) चैत्र
मास (पूर्णिमांत) चैत्र (अधिक)
चंद्र राशि वृश्चिक 9:30 am तक
सूर्य राशि मीन
सूर्योदय 5:50 am
सूर्यास्त 6:20 pm
चंद्रोदय
चंद्रास्त 9:57 am

आगामी त्योहार

एकादशी (अधिक मास) 9 अप्रैल 2029 5 दिन में प्रदोष व्रत (कृष्ण) 11 अप्रैल 2029 7 दिन में मासिक शिवरात्रि 12 अप्रैल 2029 8 दिन में अमावस्या 13 अप्रैल 2029 9 दिन में

शुभता अंक

43/100 मिश्रित
+ बुध वार ! ज्येष्ठा

शुभ मुहूर्त

मुहूर्तसमय
ब्रह्म मुहूर्त 4:18 am – 5:04 am
अभिजित मुहूर्त 11:40 am – 12:30 pm
विजय मुहूर्त 11:40 am – 12:30 pm
गोधूलि मुहूर्त 5:56 pm – 6:44 pm
प्रदोष काल 6:20 pm – 7:50 pm
निशिथ काल 11:42 pm – 12:28 am

अशुभ काल

मुहूर्तसमय
राहु काल 12:05 pm – 1:39 pm
गुलिक काल 10:32 am – 12:05 pm
यमगण्ड 7:24 am – 8:58 am

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

चौघड़िया समय शुभ/अशुभ
लाभ 5:50 am – 7:24 am शुभ
अमृत 7:24 am – 8:58 am शुभ
काल 8:58 am – 10:32 am अशुभ
शुभ 10:32 am – 12:05 pm शुभ
रोग 12:05 pm – 1:39 pm अशुभ
उद्वेग 1:39 pm – 3:13 pm अशुभ
चर 3:13 pm – 4:46 pm शुभ
लाभ 4:46 pm – 6:20 pm शुभ

रात का चौघड़िया

चौघड़िया समय शुभ/अशुभ
उद्वेग 6:20 pm – 7:46 pm अशुभ
शुभ 7:46 pm – 9:12 pm शुभ
अमृत 9:12 pm – 10:39 pm शुभ
चर 10:39 pm – 12:05 am शुभ
रोग 12:05 am – 1:31 am अशुभ
काल 1:31 am – 2:57 am अशुभ
लाभ 2:57 am – 4:23 am शुभ
उद्वेग 4:23 am – 5:49 am अशुभ

होरा

दिन की होरा

होरा समय
बुध 5:50 am – 6:53 am
चंद्र 6:53 am – 7:55 am
शनि 7:55 am – 8:58 am
गुरु 8:58 am – 10:00 am
मंगल 10:00 am – 11:03 am
सूर्य 11:03 am – 12:05 pm
शुक्र 12:05 pm – 1:08 pm
बुध 1:08 pm – 2:10 pm
चंद्र 2:10 pm – 3:13 pm
शनि 3:13 pm – 4:15 pm
गुरु 4:15 pm – 5:18 pm
मंगल 5:18 pm – 6:20 pm

रात की होरा

होरा समय
सूर्य 6:20 pm – 7:17 pm
शुक्र 7:17 pm – 8:15 pm
बुध 8:15 pm – 9:12 pm
चंद्र 9:12 pm – 10:10 pm
शनि 10:10 pm – 11:07 pm
गुरु 11:07 pm – 12:05 am
मंगल 12:05 am – 1:02 am
सूर्य 1:02 am – 2:00 am
शुक्र 2:00 am – 2:57 am
बुध 2:57 am – 3:55 am
चंद्र 3:55 am – 4:52 am
शनि 4:52 am – 5:49 am
विस्तार से देखें — प्रयागराज का पूरा <a href="/choghadiya/prayagraj/2029-04-04">चौघड़िया</a>, <a href="/shubh-muhurat/prayagraj/2029-04-04">शुभ मुहूर्त</a> और <a href="/rahu-kaal/prayagraj/2029-04-04">राहु काल</a>, अथवा <a href="/hindu-calendar/2029/4">मासिक हिंदू कैलेंडर</a> देखें।

बुधवार, 4 अप्रैल 2029 को प्रयागराज का पंचांग तिथि षष्ठी और नक्षत्र ज्येष्ठा दर्शाता है। सूर्योदय 5:50 am और सूर्यास्त 6:20 pm बजे है। इस पृष्ठ का प्रत्येक समय प्रयागराज के अपने अक्षांश-देशांतर के अनुसार गणना किया गया है — किसी दिल्ली-आधारित पंचांग से नकल नहीं — इसलिए नीचे दिए गए मुहूर्त वही हैं जो वास्तव में आपके स्थान पर लागू होते हैं।

पंचांग क्या है?

पंचांग का शाब्दिक अर्थ है "पाँच अंग" (पंच + अंग)। यह हिंदू कालगणना की वह पद्धति है जो किसी भी दिन को पाँच खगोलीय तत्वों के माध्यम से परिभाषित करती है। ये पाँचों तत्व सूर्य और चंद्रमा की स्थिति से निकलते हैं और मिलकर बताते हैं कि दिन किस प्रकार का है तथा उसका कौन-सा भाग किस कार्य के लिए उपयुक्त है।

  • तिथि — चंद्र दिवस। एक चंद्र मास में तीस तिथियाँ होती हैं। जब चंद्रमा सूर्य से 12° आगे बढ़ जाता है तब एक तिथि पूर्ण होती है, इसलिए तिथि प्रायः घड़ी के दिन से मेल नहीं खाती और दोपहर में आरंभ होकर अगले दिन समाप्त हो सकती है।
  • वार — सप्ताह का दिन, प्रत्येक का एक स्वामी ग्रह। वार ही राहु काल और चौघड़िया का क्रम निर्धारित करता है।
  • नक्षत्र — चंद्रमा जिस तारामंडल में स्थित है, कुल सत्ताईस। नक्षत्र दिन का स्वभाव तय करता है और नामकरण, यात्रा तथा विवाह के निर्णयों में केंद्रीय है।
  • योग — सूर्य और चंद्रमा के संयुक्त भोगांश से बनने वाले सत्ताईस संयोगों में से एक।
  • करण — तिथि का आधा भाग। कुल ग्यारह करण होते हैं, जिनमें विष्टि करण को ही भद्रा कहा जाता है।

एक ही दिन का पंचांग शहर के अनुसार क्यों बदलता है?

पंचांग कोई स्थिर तालिका नहीं है — यह सूर्योदय पर आधारित गणना है। प्रयागराज का सूर्योदय कोलकाता या मुंबई के सूर्योदय से कुछ मिनट से लेकर एक घंटे तक भिन्न हो सकता है, और उसी के साथ प्रत्येक व्युत्पन्न अवधि खिसक जाती है। राहु काल, चौघड़िया, अभिजित मुहूर्त, ब्रह्म मुहूर्त और दिनमान के सभी काल — ये सब सूर्योदय से सूर्यास्त के अंतराल के अंश मात्र हैं। गलत शहर का पंचांग देखने का अर्थ है गलत मुहूर्त, इसीलिए यह वेबसाइट शहर पूछती है, मान नहीं लेती।

ये गणनाएँ कैसे की जाती हैं?

सभी गणनाएँ दृक् गणित (प्रत्यक्ष-दर्शन आधारित) पद्धति से की गई हैं, न कि प्राचीन सूर्य सिद्धांत की सन्निकट विधि से। सूर्य और चंद्रमा के भोगांश आधुनिक खगोलीय पंचांग (ephemeris) से निकाले जाते हैं, सूर्योदय-सूर्यास्त में वायुमंडलीय अपवर्तन सहित मानक विधि प्रयुक्त होती है, तथा तिथि, नक्षत्र, योग और करण की संधियाँ उस सटीक क्षण को हल करके निकाली जाती हैं जब संबंधित कोणीय स्थिति पूर्ण होती है। यही गणना इंजन देव पंचांग एंड्रॉइड ऐप में भी चलता है, अतः दोनों में कभी अंतर नहीं आता।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रयागराज में आज की तिथि क्या है?

4 अप्रैल 2029 को प्रयागराज में तिथि षष्ठी है, जो 2:05 pm तक रहेगी। अधिकांश परंपराओं में सूर्योदय के समय चल रही तिथि ही उस दिन की तिथि मानी जाती है।

आज का नक्षत्र कौन-सा है?

4 अप्रैल 2029 को प्रयागराज में चंद्रमा ज्येष्ठा नक्षत्र में है, जो 9:30 am तक रहेगा।

प्रयागराज में आज राहु काल कितने बजे है?

4 अप्रैल 2029 को प्रयागराज में राहु काल 12:05 pm – 1:39 pm है। यह सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय का आठवाँ भाग होता है, और यह कौन-सा आठवाँ भाग होगा यह वार पर निर्भर करता है — इसीलिए सप्ताह भर इसका समय बदलता रहता है।

आज अभिजित मुहूर्त कब है?

4 अप्रैल 2029 को प्रयागराज में अभिजित मुहूर्त 11:40 am – 12:30 pm है। यह स्थानीय मध्याह्न के आसपास लगभग 48 मिनट की अवधि है और लगभग प्रत्येक दिन कार्यारंभ के लिए शुभ मानी जाती है, कुछ परंपराओं में बुधवार को छोड़कर।

ब्रह्म मुहूर्त का समय क्या है?

ब्रह्म मुहूर्त 4:18 am – 5:04 am है, जो सूर्योदय 5:50 am से कुछ पहले समाप्त होता है। यह रात्रि के अंतिम प्रहर की चौथी और तीसरी मुहूर्त-अवधि है और अध्ययन, ध्यान तथा पूजा के लिए पारंपरिक रूप से सर्वश्रेष्ठ समय माना जाता है।

क्या आज का दिन शुभ है?

प्रयागराज में 4 अप्रैल 2029 को कोई प्रमुख त्योहार नहीं है। व्यवहार में शुभता दिन के आधार पर नहीं, घंटे के आधार पर देखी जाती है — चौघड़िया सारणी देखें और 12:05 pm – 1:39 pm के राहु काल से बचें।

यहाँ का सूर्योदय अन्य पंचांग वेबसाइटों से अलग क्यों है?

इस पृष्ठ पर सूर्योदय 5:50 am और सूर्यास्त 6:20 pm है, जो प्रयागराज के सटीक निर्देशांकों के लिए मानक अपवर्तन विधि से गणना किया गया है। जो साइटें पूरे देश के लिए एक ही सूर्योदय छापती हैं या पाँच मिनट में पूर्णांकित करती हैं, उनमें कई मिनट का अंतर आएगा — और सूर्योदय से निकलने वाला हर मुहूर्त वही अंतर अपने साथ ले जाता है।

यह पंचांग किस मास पद्धति का अनुसरण करता है?

दोनों पद्धतियाँ दिखाई जाती हैं। अमांत मास (अमावस्या पर समाप्त) महाराष्ट्र, गुजरात, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में प्रचलित है; पूर्णिमांत मास (पूर्णिमा पर समाप्त) उत्तर भारत के अधिकांश भाग में। तिथि और त्योहार की तारीखें दोनों में समान रहती हैं — केवल मास का नाम बदलता है।

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